Highlights . नवरात्रि में कन्या पूजन का होता हैं विशेष महत्व. अष्टमी और नवमी के दिन की जाती है पूजा. ऐसे करें पूजा विधि
नोएडा. Shardiya Navratri 2019: इस बार नवरात्रि 29 सितंबर 2019 से शुरू हो रहे हैं। हिन्दू मान्यताओं, ग्रंथों के अनुसार शारदीय नवरात्रि में कन्या पूजन का विशेष महत्व होता हैं। कन्या पूजन अष्टमी व नवमी के दिन होता है। इस दिन 3 से 9 साल की कन्याओं का पूजन व भोजना कराया जाता है।
नवरात्रि का महत्व
नवरात्रि में मां के अलग-अलग नौ रूपों की पूजा की जाती है। मान्यता के अनुसार, मां दुर्गा अपने भक्तों की पुकार अवश्य सुनती हैं। सभी की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। साथ ही नौ दिन किसी भी शुभ कार्य करने के लिए किसी मुहूर्त दिखाने की जरूरत नहीं होती है।
इसदिन से लग रहे नवरात्रि
29 सितंबर— मां शैलपुत्री पूजा
30 सितंबर—मां ब्रह्मचारिणी पूजा
1 अक्टूबर— मां चंद्रघंटा पूजा
2 अक्टूबर—मां कुष्मांडा पूजा
3 अक्टूबर—मां स्कंदमाता पूजा
4 अक्टूबर—मां कात्यायानी पूजा
5 अक्टूबर—मां कालरात्रि पूजा
6 अक्टूबर—मां महागौरी पूजा
7 अक्टूबर—मां सिद्धिदात्री पूजा
इन कन्याओं के पूजन से मिलता है ये लाभ
. नवरात्रि में 2 साल की कन्या का पूजन करने से दुख और दरिद्रता खत्म हो जाती है। 2 साल को कौमारी कहा जाता है।
. 3 साल की कन्या को त्रिमूर्ति माना जाता है। इसकी पूजन करने से धन-धान्य और परिवार का कल्याण होता है।
. 4 साल की कन्या को कल्याणी कहा जाता है। इसकी पूजा करनेे से सुख-समृद्धि मिलती है।
. 5 साल की कन्या रोहिणी कहा जाता है, येे व्यक्ति का रोग मुक्त करती है।
. 6 साल की कन्या यानी चण्डिका का पूजन करने से ऐश्वर्य मिलता है।
. 8 साल की कन्या शाम्भवी की पूजा करने से लोकप्रियता हासिल होती है।
. 9 साल की कन्या दुर्गा की पूजा करने से असाध्य कार्य होते है।