
Noida Ghaziabad Elevated Road: नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के इलाकों में रोजाना लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम से लोगों को जल्द राहत मिल सकती है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने लालकुआं से दादरी तक जीटी रोड (GT Road) पर करीब 12 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड बनाने की योजना पर काम तेज कर दिया है। इस परियोजना का मकसद दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से निकलने वाले ट्रैफिक का दबाव कम करना और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) तक पहुंच को ज्यादा आसान बनाना है।
लालकुआं से दादरी तक का जीटी रोड एनसीआर के सबसे व्यस्त मार्गों में गिना जाता है। यहां हर दिन भारी संख्या में ट्रक, बसें और अन्य वाहन गुजरते हैं। सड़क किनारे अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और बढ़ती आबादी की वजह से अक्सर लंबा जाम लग जाता है। एलिवेटेड रोड बनने के बाद इस हिस्से में ट्रैफिक का दबाव काफी कम होने की उम्मीद है।
नई छह लेन की एलिवेटेड रोड बनने से नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को तेज और सुगम रास्ता मिलेगा। साथ ही सिकंदराबाद, बुलंदशहर और खुर्जा जैसे इलाकों की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी।
यह कॉरिडोर दादरी के औद्योगिक क्षेत्रों और एनटीपीसी प्लांट तक पहुंचने वाले भारी वाहनों के लिए भी अहम माना जा रहा है। अभी इन ट्रकों की वजह से आम लोगों को भी घंटों जाम का सामना करना पड़ता है। एलिवेटेड रोड बनने से मालवाहक और सामान्य ट्रैफिक को अलग-अलग रास्ता मिल सकेगा।
NHAI के अधिकारियों के अनुसार, परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक इस एलिवेटेड रोड के निर्माण पर करीब 2,000 करोड़ रुपये खर्च हो सकते हैं।
इस मार्ग पर एलिवेटेड रोड बनाने का प्रस्ताव पहली बार 2019 में सामने आया था, लेकिन भूमि अधिग्रहण, ट्रैफिक प्रबंधन और अन्य तकनीकी कारणों से परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। अब एक बार फिर इस योजना को गति दी गई है और व्यवहार्यता अध्ययन के बाद काम आगे बढ़ाया जा रहा है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, दादरी इंडस्ट्रियल बेल्ट और आसपास तेजी से विकसित हो रहे रिहायशी क्षेत्रों को देखते हुए आने वाले वर्षों में इस रूट पर ट्रैफिक और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में एलिवेटेड रोड को एनसीआर की महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में माना जा रहा है।