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‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत नोएडा पहुंचे CJP प्रवक्ता सौरभ दास, बोले- सामने लाएंगे स्कूलों की हकीकत

CJP School Theek Karo: CJP प्रवक्ता सौरभ दास ने नोएडा में ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत स्कूलों का ऑडिट शुरू किया। उन्होंने स्कूलों की जमीनी स्थिति जानने और युवाओं से अपने आसपास के स्कूलों का ऑडिट करने की अपील की।
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नोएडा

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Imran Ansari

Sep 15, 2026

CJP School Theek Karo

‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत नोएडा पहुंचे CJP प्रवक्ता सौरभ दास, फाइल फोटो- IANS

CJP School Theek Karo Campaign: कॉकरोज जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास ने नोएडा में 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत स्कूलों के ऑडिट की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत स्कूलों में जाकर यह देखा जाएगा कि बच्चे किन परिस्थितियों में पढ़ाई कर रहे हैं और वहां शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति क्या है।

सीजेपी के सौरभ दास ने कहा कि उनकी टीम आज नोएडा के कुछ स्कूलों का ऑडिट करेगी। उन्होंने कहा कि नोएडा उत्तर प्रदेश के बेहतर जिलों में गिना जाता है, इसलिए उम्मीद है कि यहां स्कूलों की स्थिति भी अच्छी होगी। हालांकि, उन्होंने कहा कि स्कूलों की वास्तविक स्थिति जैसी होगी, उसे सामने रखा जाएगा।

युवाओं से अपने इलाके के स्कूलों का ऑडिट करने की अपील

CJP प्रवक्ता ने उत्तर प्रदेश के युवाओं से भी इस अभियान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा अपने आसपास के स्कूलों में जाकर ऑडिट करें और यह दिखाएं कि उनके इलाके के स्कूलों की स्थिति कैसी है और वहां बच्चों को किस तरह की शिक्षा मिल रही है। उन्होंने कहा कि हम आज नोएडा के स्कूलों का दौरा करने की योजना बना रहे हैं, लेकिन हम दूसरे युवाओं को भी जिम्मेदारी लेने और अपने-अपने इलाकों के स्कूलों का ऑडिट करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।

स्कूलों की जमीनी हकीकत सामने लाने का दावा

सौरभ दास ने कहा कि 'स्कूल ठीक करो' अभियान का उद्देश्य स्कूलों की जमीनी स्थिति को सामने लाना और यह समझना है कि बच्चों को पढ़ाई के दौरान किस तरह की सुविधाएं मिल रही हैं। इसके तहत स्कूलों में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं, बच्चों के लिए शिक्षा के माहौल और पढ़ाई की व्यवस्था का जायजा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभियान के जरिए अलग-अलग इलाकों के स्कूलों की वास्तविक स्थिति सामने लाने की कोशिश की जाएगी, ताकि यह पता चल सके कि बच्चों को किस स्तर की शैक्षणिक सुविधाएं और माहौल उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही, उन्होंने उत्तर प्रदेश के युवाओं से अपने-अपने आसपास के स्कूलों का ऑडिट करने की अपील की, ताकि स्थानीय स्तर पर स्कूलों की स्थिति और वहां बच्चों को मिल रही शिक्षा की तस्वीर सामने आ सके।