
सुरेंद्र कोली। फोटो सोर्स- X (Asifansari9410)
Nithari Kand: साल 2006 में सामने आए नोएडा के चर्चित निठारी कांडके आरोपी रहे सुरेंद्र कोली की शुक्रवार को हरिद्वार में मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, कोली हरिद्वार में पिछले कुछ महीनों से रह रहा था और एक चाय की दुकान चला रहा था। उसे 2025 में निठारी हत्याकांड से जुड़े आखिरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बरी कर दिया था। इसके बाद वह जेल से बाहर आया था। सुरेंद्र कोली पर दुष्कर्म और हत्या के 1 दर्जन से अधिक मामलों में मुकदमा चला था। वह करीब 19 साल तक जेल में रहा। निठारी कांड से जुड़े मामलों में उसके पूर्व नियोक्ता मोनिंदर सिंह पंढेर को भी आरोपी बनाया गया था। पंढेर के घर के पीछे से मानव कंकाल बरामद हुए थे। उसे 2023 में मामलों में बरी कर दिया गया था। आपको बताते हैं केस की टाइमलाइन।
निठारी कांड दिसंबर 2006 में सामने आया, जब नोएडा के निठारी इलाके में एक मकान के पास नाले से मानव अवशेष बरामद हुए। इससे पहले 2005 से 2006 के बीच निठारी गांव से कई महिलाओं और बच्चों के लापता होने की शिकायतें सामने आई थीं। बरामद कंकाल उस मकान के पीछे नाले और खुले स्थान से मिले थे, जहां मोनिंदर सिंह पंढेर रहता था और सुरेंद्र कोली घरेलू सहायक के तौर पर काम करता था।
कंकाल और लापता लड़कियों से जुड़ा सामान मिलने के बाद 29 दिसंबर 2006 को पंढेर और कोली को गिरफ्तार किया गया। कोली पर कई लड़कियों की हत्या करने और शवों को टुकड़ों में काटकर मकान के पीछे फेंकने का आरोप लगा।
CBI ने मामले की जांच शुरू की। दोनों आरोपियों के खिलाफ 18 बच्चों और एक युवती से जुड़े मामलों में कुल 19 FIR दर्ज की गईं। इनमें से 16 मामलों में CBI ने चार्जशीट दाखिल की।
13 फरवरी 2009 को विशेष CBI अदालत ने 14 वर्षीय लड़की के दुष्कर्म और हत्या के मामले में कोली और पंढेर को दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई।
मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा। हाईकोर्ट ने कोली की मौत की सजा बरकरार रखी, जबकि पंढेर को बरी कर दिया। कोली की सुप्रीम कोर्ट में दायर अपील 2011 में खारिज हो गई और 2014 में उसकी पुनर्विचार याचिका भी खारिज कर दी गई। जनवरी 2015 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दया याचिका के निपटारे में हुई देरी के आधार पर कोली की मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया।
2017 में गाजियाबाद की विशेष CBI अदालत ने 2006 में लापता हुई 25 वर्षीय घरेलू सहायिका के दुष्कर्म और हत्या के मामले में दोनों को मौत की सजा सुनाई।
2023 में विशेष अदालत ने पंढेर को 2 मामलों और कोली को 12 मामलों में बरी कर दिया। हालांकि, एक मामले में दोषसिद्धि के कारण कोली जेल में रहा। इसी साल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सबूतों के अभाव में दोनों को बरी कर दिया और पंढेर जेल से बाहर आ गया।
नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने किशोरी के दुष्कर्म और हत्या से जुड़े आखिरी मामले में भी सुरेंद्र कोली की दोषसिद्धि को खत्म कर दिया। यह निठारी हत्याकांड से जुड़े मामलों में उसकी आखिरी लंबित दोषसिद्धि थी। इसके बाद करीब दो दशक जेल में रहने के बाद कोली जेल से बाहर आया। हालांकि चर्चित निठारी कांड केस में आरोपी रहे सुरेंद्र कोली ने शुक्रवार को हरिद्वार में खुदकुशी कर ली। जिसके बाद मामला सुर्खियों में बना हुआ है।
Updated on:
18 Sept 2026 03:37 pm
Published on:
18 Sept 2026 03:31 pm
