नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र में मजदूरों का प्रदर्शन सैलरी बढ़ोतरी की मांग को लेकर शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक हो गया।
Noida Labour Protest News: नोएडा के इंडस्ट्रियल एरिया में पिछले तीन दिन से फैक्ट्री कर्मचारी सैलरी बढ़ाने की मांग कर रहे थे। सोमवार को यह आंदोलन अचानक हिंसक हो गया। सैकड़ों मजदूर डंडे-लाठी लेकर सड़कों पर उतर आए। उन्होंने 350 से ज्यादा फैक्ट्रियों में पथराव और तोड़फोड़ की। 150 से ज्यादा गाड़ियां तोड़ी गईं, 50 से ज्यादा गाड़ियां फूंक दी गईं। पुलिस की गाड़ियां पलट दी गईं और पुलिसवालों पर भी पत्थर बरसाए गए। इस हिंसा में 30 लोग घायल हो गए। पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
दरअसल, गुस्से की असली वजह पड़ोसी राज्य हरियाणा का एक फैसला था। 9 अप्रैल को हरियाणा सरकार ने कैबिनेट बैठक में फैक्ट्री मजदूरों की न्यूनतम सैलरी में 35% बढ़ोतरी का ऐलान किया। 10 अप्रैल को इसका नोटिफिकेशन भी जारी हो गया। जैसे ही यह खबर नोएडा पहुंची, यहां के कर्मचारी भी अपनी सैलरी बढ़ाने की मांग करने लगे। वे सोचते थे कि अगर हरियाणा दे सकता है तो उत्तर प्रदेश क्यों नहीं? यही मांग शांतिपूर्वक शुरू हुई थी, लेकिन कुछ दिनों में बिगड़ गई।
रविवार को प्रशासन और मजदूर प्रतिनिधियों की बैठक हुई थी। मांगें मान ली गई थीं, लेकिन मजदूरों को इस बैठक की कोई जानकारी नहीं दी गई। नतीजा यह हुआ कि शांत आंदोलन बिना किसी लीडर के भड़क उठा। मजदूरों में गुस्सा बढ़ता गया। फैक्ट्री मालिकों का कहना है कि किसी ने मजदूरों को उकसाया था। वहीं, प्रशासन और मजदूरों के बीच संवाद का गैप भी बड़ी वजह माना जा रहा है। कोई साफ कम्युनिकेशन नहीं हुआ। मजदूरों को लगा कि उनकी बात नहीं सुनी जा रही है। इसी गैप ने छोटे-से आंदोलन को हिंसक रूप दे दिया।
सोमवार को दिनभर हिंसा के बाद यूपी सरकार ने रात में बड़ा फैसला लिया। हाईलेवल कमेटी नोएडा पहुंची। मजदूर प्रतिनिधियों से बात की गई। कमेटी की रिपोर्ट पर सरकार ने तुरंत मुहर लगा दी। न्यूनतम मजदूरी में 3000 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी गई। यह बढ़ी हुई सैलरी 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी। सरकार ने दिखा दिया कि मजदूरों की मांग पर वह गंभीर है।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि अब तक 300 से ज्यादा लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। 60 लोगों पर केस दर्ज हो चुका है। मंगलवार सुबह 5 बजे से RAF, PAC और पुलिस फ्लैग मार्च कर रही है। सुबह तीन जगहों पर मजदूर जमा थे, उन्हें समझा-बुझाकर हटा दिया गया। पुलिस ने अपील की है कि सभी लोग अपने काम पर लौट आएं। इस हिंसक प्रदर्शन से करीब 3000 करोड़ रुपये का कारोबार ठप हो गया। फैक्ट्रियां बंद रहीं, उत्पादन रुका।