नोएडा प्राधिकरण के पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिंह के खिलाफ एक और नया मामला दर्ज किया है।
नोएडा। सीबीआई ने नोएडा प्राधिकरण के पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिंह के खिलाफ एक और नया मामला दर्ज किया है। उन पर अपने कार्यकाल के दौरान निजी कंपनियों को 116.39 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट देने और इसकी एवज में उनसे नियमित तौर पर रिश्वत लेने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। सीबीआई के प्रवक्ता अभिषेक दयाल ने जानकारी देते हुए बताया कि एजेंसी ने शुक्रवार को दिल्ली, नोएडा और रांची में आठ जगहों पर छापेमारी की।
जानकारी के मुताबिक सीबीआई ने नोएडा के सेक्टर-22 स्थित एक फर्म के मालिक के ठिकाने पर भी छापेमारी की। वहीं सभी जगह घंटों तलाश करने के बाद सीबीआई को कई दस्तावेज मिले हैं। जिसके बाद नोएडा प्राधिकरण में तत्कालीन चीफ इंजीनियर यादव सिंह, गुल इंजीनियर्स कंपनी के मालिक जावेद अहमद, एसएमपी टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक साईं राजू, मनीष कुमार और प्रेम प्रदीप, अबु इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक कुमार सौरभ व प्रेम प्रदीप के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उन्होंने बताया कि एजेंसी ने संजय इलेक्ट्रीकल्स के संजय कुमार गुप्ता और रांची स्थित शाकंबरी प्रोजेक्ट्स के संजय कुमार शर्मा और नोएडा के अज्ञात अधिकारियों को भी मामले में नामजद किया है। इनपर आपराधिक साजिश, सरकारी पद का दुरुपयोग करने और आरोपी ठेकेदारों एवं कंपनियों से सिंह की ओर से रिश्वत लेने के आरोपों में केस दर्ज किया गया है।
इसके साथ ही यह आरोप भी लगाया गया था कि यादव ने नोएडा के अन्य अधिकारियों, कर्मियों एवं उक्त ठेकेदारों के साथ साजिश कर करीब 116.39 करोड़ रुपए के कई ठेके पांच कंपनियों को दिए और ऐसा करते हुए नोएडा प्राधिकरण के नियमों एवं प्रक्रियाओं का घोर उल्लंघन किया। इससे नोएडा प्राधिकरण को काफी नुकसान हुआ जबकि ठेकेदारों एवं कंपनियों को खूब फायदा हुआ। गौरतलब है कि यादव सिंह पर पहले ही भ्रष्टाचार व आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के दो मामले चल रहे हैं और सीबीआई ने इनके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर रखी है। जिसके चलते कोर्ट में यादव सिंह की जमानत अर्जी भी मंजूर नहीं हो रही।