Noida violence: नोएडा में मजदूरों के हिंसक प्रदर्शन में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ व आगजनी हुई। पुलिस जांच में पाकिस्तान से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स और साजिश का खुलासा हुआ है।
Noida violence: नोएडा में हाल ही में फैक्ट्री मजदूरों का प्रदर्शन चल रहा था, जिसने अचानक हिंसा का रूप ले लिया। इस दौरान बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ व आगजनी देखने को मिली। शुरुआत में इसे सामान्य विरोध माना जा रहा था लेकिन जांच में सामने आया कि प्रदर्शन के दौरान पूरी प्लानिंग के साथ हिंसा भड़काई गई थी। इस मामले में टोटल 13 FIR हुई थी। इसी क्रम में जांच को आगे बढ़ाते हुए तीन लोगों की पहचान कर ली जो हिंसा भड़काने में शामिल थे। मामले में दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया है।
जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने दो सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ केस दर्ज किया है। इन दोनों अकाउंट्स के खिलाफ सेक्टर-20 थाने में FIR दर्ज की गई है। जब पुलिस ने X से डेटा लिया, तो सामने आया कि अकाउंट भारत में बनाए गए थे, लेकिन पिछले तीन महीनों से पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहे थे। पुलिस का कहना है कि कुछ लोग सोशल मीडिया के जरिए बड़े औद्योगिक इलाकों को नुकसान पहुंचाने और हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे थे। इनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) भी लगाया जाएगा।
जानकारी क अनुसार, इस मामले में तीन लोगों की पहचान हुई है- रूपेश रॉय (छपरा, बिहार का ऑटो चालक), आदित्य आनंद (जमशेदपुर का बीटेक ग्रेजुएट) और मनीषा चौहान (गोपालगंज, बिहार)। इनमें से रूपेश रॉय और मनीषा चौहान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने जांच में अलग-अलग जगहों के प्रदर्शनों की फोटोज देखीं और टेक्नोलॉजी की मदद से इन तीनों की लोकेशन ट्रैक की। जांच में पता चला कि ये लोग नोएडा के साथ-साथ दिल्ली, हैदराबाद और हरियाणा में भी सक्रिय थे और वहां के प्रदर्शनों में भी शामिल थे।
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