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Noida labour protest: बड़ा खुलासा; शांत प्रदर्शन को हिंसक बनाने में राजनीतिक दलों का हाथ, जांच में खुलीं कई परतें

Noida labour protest: नोएडा में मजदूरों का शांत प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया। जांच में सामने आया है कि कुछ बाहरी लोगों और अफवाहों ने माहौल को भड़काया। पुलिस ने कई लोगों की पहचान की है और मामले की जांच जारी है।

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noida labour protest who triggered violence during protest revealed

नोएडा में शांत प्रदर्शन बवा उग्र (सोर्स-ANI)

Noida labour protest: गौतमबुद्ध नगर में श्रमिकों के प्रदर्शन ने सोमवार को हिंसक रूप ले लिया। दरअसल शुरुआत में यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, जहां हजारों मजदूर अपनी मांगों को लेकर इकट्ठे हुए थे। लेकिन धीरे-धीरे स्थिति बिगड़ती चली गई और कुछ इलाकों में हिंसा की घटनाएं सामने आईं। पुलिस ने इस मामले की जब जांच की तो इस प्रदर्शन की सच्चाई सामने आई है। जांच में कई पर्तें खुली जिनके अनुसार श्रमिकों के हटने के बाद कुछ बाहरी तत्वों ने माहौल को भड़काया। इन लोगों ने भीड़ को उकसाने का साथ-साथ स्थिति को बेकाबू करने की कोशिश भी की।

बाहरी लोगों और सोशल मीडिया की भूमिका पर उठे सवाल

जांच में सामने आया है कि गौतमबुद्ध नगर में प्रदर्शन को भड़काने में बाहरी लोगों के साथ-साथ सोशल मीडिया का भी बड़ा रोल था। कुछ राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों ने इंटरनेट पर गलत और भ्रामक जानकारी फैलाई, जिससे माहौल और खराब हो गया। पुलिस ने ऐसे 25 लोगों को पहचान लिया है, जो मौके पर हंगामा करने और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को भड़काने में शामिल थे। इन सभी की पहचान वीडियो और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की गई है।

जांच में यह भी सामने आया है कि इस आंदोलन को हिंसक बनाने के लिए कई वॉट्सऐप ग्रुप बनाए गए और कर्मचारियों को इन ग्रुप्स से जोड़ा गया। उन ग्रुप्स में गलत और भड़काउ जानकारी दी गई। सामने आए तथ्यों से आशंका जताई जा रही है कि प्रदर्शन के दौरान जानबूझकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई।

हिंसा से उद्योगों को भारी नुकसान

प्रदर्शन के दौरान कई जगह तोड़फोड़ और आग लगाने की घटनाएं हुईं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक करीब 600 करोड़ रुपये का नुकसान होने की आशंका है। वहीं, सिर्फ एक दिन में लगभग 3000 करोड़ रुपये के कारोबार पर असर पड़ा। सेक्टर-57 से 67 तक 150 से ज्यादा कंपनियों को निशाना बनाया गया। इससे उद्योगों को बड़ा नुकसान हुआ और पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। कई फैक्ट्रियों को सुरक्षा के लिए बंद करना पड़ा, जिससे काम पूरी तरह रुक गया। इस मामले में 400 से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।

सरकार आई एक्शन में

स्थिति संभालने के लिए सरकार ने हाईपावर कमेटी बनाई है और मजदूरों की चार मांगें मान ली गई हैं। पुलिस और अन्य एजेंसियों की मदद से हालात काबू में कर लिए गए हैं और स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें और सिर्फ सही जानकारी पर ध्यान दें, क्योंकि भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।