
नाेएडा. सावन का पवित्र माह चल रहा है, ऐसे में श्रद्धालु अपने-अपने तरीके से भगवान शंकर की पूजा-अर्चना में लगे हैं। भोलेनाथ बहुत जल्द ही अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करने वाले देवता माने जाते हैं। इसलिए इन्हें देवो के देव महादेव कहा गया है। सावन माह भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना का विशेष ही महत्व है। सावन में भगवान शिव की सच्चे मन से पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। पंडित चंद्रशेखर शर्मा बताते हैं कि सावन में शिवलिंग पर भगवान शिव की प्रिय वस्तुओं का अभिषेक करने से मनवांछित फल प्राप्त होता है। पंडित जी कहते हैं कि वैसे तो शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाने से ही सभी दुख दूर हो जाते हैं, लेकिन कुछ खास वस्तुओं से शिवलिंग का अभिषेक करने पर अलग-अलग फल प्राप्त होते हैं।
ज्योतिषाचार्य पंडित चंद्रशेखर शर्मा बताते हैं कि घर में कलह या मानसिक पीड़ा से शांति के लिए शिवलिंग का दूध से अभिषेक करना चाहिए। वहीं अगर वंशवृद्धि यानी संतान प्राप्ति के लिए शुद्ध देसी घी से अभिषेक करना उत्तम माना गया है। इसी तरह शिवलिंग पर कमल का फूल चढ़ाने से घर में शांति के साथ धन लाभ होता है। साथ ही शिवलिंग का अभिषेक करते समय महामृत्युंजय का जाप करने से फल की प्राप्ति कई गुना अधिक हो जाती है। इसी तरह कई ऐसी वस्तुएं हैं, जिनसे भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करने से अलग-अलग फल प्राप्त होते हैं।
- जल से अभिषेक करने पर मानसिक शान्ति की प्राप्ति होती है।
- शहद से अभिषेक करने पर परिवार में बीमारियों का अधिक प्रकोप नहीं रहता।
- गन्ने के रस की धारा से अभिषेक करने पर आर्थिक समृद्धि व परिवार में सुखद माहौल बना रहता है।
- गंगा जल से अभिषेक करने पर चारों पुरूषार्थ की प्राप्ति होती है।
- इत्र से अभिषेक करने पर भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है।
- सरसों के तेल से अभिषेक करने से शत्रुओं का शमन होता।
- बिल्वपत्र चढ़ाने से जन्म जन्मान्तर के पापों व रोग से मुक्ति मिलती है।
- कुशा चढ़ाने से मुक्ति की प्राप्ति होती है।
- दूर्वा चढ़ाने से आयु में वृद्धि होती है।
- धतूरा अर्पित करने से पुत्र रत्न की प्राप्ति होती है।
- कनेर का फूल चढ़ाने से परिवार में कलह व रोग से निवृत्ति मिलती हैं।
- शमी पत्र चढ़ाने से पापों का नाश होता, शत्रुओं का शमन व भूत-प्रेत बाधा से मुक्ति मिलती है।