
नोएडा। अपने आशियाना का सपना लिए कई वर्षों से बिल्डर से गुहार लगा रहे बायर्स अब अलग-अलग तरह से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। जिसके बाद भी उन्हें घर नहीं मिल रहे। वहीं जिन लोगों को घर मिल भी गए तो वह मेनटेनेश के नाम पर बिल्डर द्वारा की जा रही वसूली और सुविधाए नहीं दिये जाने के कारण परेशान हैं। इसके चलते ही ग्रेटर नोएडा वेस्ट में इरोज संपूर्णम सोसाइटी के लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान लोगों ने बिल्डर के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए सोसाइटी परिसर में चूल्हा-चौका रखकर खाना बनाया। इसके बाद सभी लोगों ने सोसाइटी में फैली परेशानियों के बारे में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
लोगों का आरोप है कि सोसाइटी में बने घर अब रहने लायक नहीं है। यही वजह है कि वह अब घर के बाहर चूल्हा-चौका रखकर खाना बनाने को मजबूर है। इस दौरान पूनम तिवारी ने बताया कि सोसाइटी में सैकड़ों लोगों ने अपने आशियाने की तलाश में यहां निवेश किया था। बिल्डर ने हसीन सपने भी दिखाएं और इसी के चलते 300 से ज्यादा परिवार इस सोसाइटी में रहने लगे। लेकिन बिल्डर के दावे और वादों में फर्क दिखने लगा है। नतीजा यह हुआ कि सोसाइटी में हमें गंदा पानी मुहिया कराया जा रहा है। इसके अलावा सिक्योरिटी का भी कोई इंतजाम नहीं है। छोटी-छोटी दीवारों होने की वजह से अक्सर घटनाएं भी होती रहती है।
लोगों का कहना है कि बिल्डर की लापरवाही के साथ-साथ फायर विभाग की भी लापरवाही नजर आ रही है। जिस कारण सोसाइटी में एक सप्ताह पहले एक फ्लैट में आग लग गई लेकिन आग बुझाने के लिए सोसाइटी में लगे उपकरण ठीक से काम नहीं कर रहे थे। जैसे-तैसे आग पर काबू पाया गया। इसमें बड़ा सवाल यह है कि जब सोसाइटी में फायर इक्विपमेंट काम नहीं कर रहे हैं तो फिर बिल्डर को एनओसी आखिर किस आधार पर दी गई। वहीं सोसाइटी में लिफ्ट भी पूरी तरह से काम नहीं कर रही है। अक्सर लिफ्ट में बुजुर्ग और बच्चे बीच में ही फंस जाते हैं।
प्रदर्शन करने वाले लोगों का कहना है कि हम लोग जान जोखिम में डालकर इरोज संपूर्ण सोसाइटी में रहने को मजबूर हैं। इसके अलावा सोसाइटी में खुले में ही जनरेटर लगा रखा है। जो कि एनजीटी के आदेशों का खुला उल्लंघन है। सब कुछ खुलेआम चलने के बावजूद बिल्डर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।