नोएडा

Phalodi Satta Market: फलोदी सट्टा बाजार ने पलटा गेम, लोकसभा चुनाव कौन जीतेगा की भ‌विष्यवाणी की! कांग्रेस के लिए खुशखबरी

अंतिम चरण के मतदान से पहले सट्टा बाजारों के समीकरण बदले। भाजपा और गठबंधन की बदल गई सीटें

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May 30, 2024
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी का फाइल फोटो

लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर एनडीए और इंडिया दोनों ही पार्टियां अपनी-अपनी बड़ी जीत का दावा कर रही हैं। इन्ही कयासों के बीच फलोदी सट्टा बाजार ( Phalodi Satta Market ) भी सुर्खियों में है। सट्टा बाजार के कथित सर्वे भी लगातार सोशल मीडिया पर जमे हुए हैं। इन्ही कयासों के बीच देश के इस चर्चित सट्टा बाजार की गलियों से एक नया सर्वे सामने आया है। पीएम के चुनाव यानी सातवे चरण से पहले जारी इस नए सर्वे ने एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। अभी तक जो सर्वे चल रहे थे उनके मुताबिक यूपी में भाजपा की सीटें अधिक दिखाई जा रही थी लेकिन अब इस नए सर्वे में समीकरण बदले हुए दिखाई पड़ रहे हैं।

क्या कहता है सट्टा बाजार का नया अनुमान (Prediction by Phalodi Satta Bazar)

फलोदी सट्टा बाजार ( Phalodi Satta Bajar ) के अब तक के दावों पर नजर डाली जाए तो यूपी में भारतीय जनता पार्टी को कोई भारी नुकसान होता नहीं दिखता। इस बार 2024 के चुनाव में भी भाजपा 2019 के लोकसभा चुनाव का परिणाम को ही रिपीट करती हुई दिखाई जा रही है। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को उत्तर प्रदेश की कुल 80 संसदीय सीटों में से 64 सीटें मिल पाई थी। अभी तक की रिपोर्ट में यही अनुमान रिपीट होने की बात कही जा रही थी। अब फलोदी सट्टा बाजार का जो नया सर्वे जारी हुआ है उसके मुताबिक भाजपा इस बार उत्तर प्रदेश में 55 से 65 सीट ले रही है जबकि समाजवादी पार्टी ( Samajwadi Party ) और कांग्रेस ( Congress ) यानी इंडिया गठबंधन को मजबूत दिखाया जा रहा है। इस बार इंडिया गठबंधन को यूपी में पहले से अधिक सीटें दी जा रही हैं।

यूपी इन हॉट सीटों पर है सभी की नजर

उत्तर प्रदेश की कुछ ऐसी हॉट सीटें हैं जिनपर राजनीतिक गलियारों से लेकर सट्टा बाजारों तक की खास नजर है। इनमें मुख्य रूप से सहारनपुर, मेरठ, नगीना, मुजफ्फरनगर, लखनऊ, सुल्तानपुर, अमेठी, रायबरेली, वाराणसी, केसरगंज, घोसी, गौतमबुद्धनगर की सीटे हैं। इसकी वजह ये है कि, सहारनपुर से इमरान मसूद चुनाव मैदान में हैं, मेरठ से अरुण गोविल चुनाव मैदान मे हैं। वाराणसी से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनाव लड़ रहे हैं। नगीना सीट से भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर चुनाव मैदान में उतरे हैं। अमेठी से स्मृति इरानी चुनाव लड़ रही हैं तो सुल्तानपुर से मेनका गांधी चुनाव मैदान में हैं। रायबरेली सीट पर राहुल गांधी चुनाव मैदान में उतरे हैं। यही कारण है कि इन सीटों पर यूपी ही नहीं बल्कि देश दुनिया की नजर है। सट्टा बाजार में भी इन सीटों का खासा क्रेज है। अब इन सीटों पर हुए पुनः सर्वे के बाद बदले हुए अनुमान जारी किए जा रहे हैं।

चरणवार बदल रहा फलोदी सट्टा बाजार का अनुमान

देश के सबसे चर्चित सट्टा बजार का अनुमान भी मतदान के चरणवार बदल रहा है। 13 मई को सट्टा बाजार की ओर जारी अनुमान में कहा गया था कि भाजपा को इस बार ( Phalodi Satta Bazar on BJP ) लोकसभआ चुनाव 2024 में करीब 300 सीटें मिल रही हैं। इसके विपरीत कांग्रेस पार्टी को महज 40 से 42 सीटों पर ही समेट दिया गया था। इतना ही नहीं यह तक कहा गया कि 2019 के चुनावों में मिली 52 सीटें भी इस बार कांग्रेस को नहीं मिल रही। ये अनुमान दूसरे चरण के बाद धड़ाम हो गए। करीब एक सप्ताह बाद ही फलोदी सट्टा बाजार का नया अनुमान जारी हुआ जिसमें कहा गया कि भाजपा का ग्राफ 300 सीटों से नीचे गिर गया है और एनडीए को 80 से 85 सीटों तक पहुंचा दिया गया है। इस तरह चरणवार ये अनुमान बदलते रहे। अब जो नए अनुमान आए हैं उसके मुताबिक एक बार फिर कांग्रेस की सीटों में इजाफा दिख रहा है।

आखिर क्या है सट्टा बाजार और कैसे लगते हैं भाव

सब जानते हैं कि सट्टा गैर कानूनी होता है। एक जिम्मेदार मीडिया संस्थान होने के नाते हम भी इन सट्टा बाजारों के चुनावी सर्वे और अनुमानों ( Lok Sabha ELection on falodi satta bazar ) का समर्थन नहीं करते। सोशल मीडिया पर इन दिनों फलोदी सट्टा बाजार काफी छाया हुआ है। आपको बता दें कि इन सट्टा बाजारों में भाव भी लगते हैं। हैरान कर देने वाली बात ये है कि यहां हारने वाली पार्टियों के दाम अधिक होते हैं। जो पार्टी जीतती हुई दिखाई देती है उसके भाव कम हो जाते हैं। इन सट्टा बाजारों से जुड़े लोग सिर्फ चुनाव ही नहीं बल्कि देश और दुनिया में चल रही बड़ी गतिविधियों से लेकर मौसम के पूर्वानुमान पर भी नजर रखते हैं।

नोट: हम सट्टा बाजारों के कथित अनुमान या सर्वे का समर्थन नहीं करते। यह समाचार/ जानकारी केवल सट्टा बाजारों के रुझानों से अवगत कराने के लिए है। पत्रिका इन दावों का किसी भी रूप में समर्थन नहीं करता है। परिणाम रुझानों के विरपीत हो सकते हैं।

Updated on:
30 May 2024 11:46 am
Published on:
30 May 2024 11:30 am
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