
नोएडा। दिल्ली में प्रदूषण और बाहर के वाहनों का दबाव कम करने के लिए 11 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का उद्धाटन करने की तारीख तय हो चुकी है। वहीं इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों कराया जाएगा। दरअसल, 29 अप्रैल को एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया जाएगा। इसके लिए अधिकारी तैयारियों में जुट गए हैं। वहीं इसके बचे हुए निर्माण कार्य को भी तेजी के साथ पूरा किया जा रहा है।
बता दें कि ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर में आए दिन लगने वाले जाम की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी। वहीं इससे गाजियाबाद, फरीदाबाद और ग्रेटर नोएडा समेत दिल्ली में ट्रैफिक का दबाव करीब 40 से 50 फीसद तक कम हो जाएगा। साथ ही इन शहरों में ट्रैफिक के साथ प्रदूषण के स्तर में भी कमी आएगी। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी का कहना है कि इस एक्सप्रेस-वे को इस तरह बनाया गया है कि इसपर 200 साल तक भी गड्ढे नहीं होंगे।
इन जिलों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेस-वे
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे सोनीपत के कुंडली के एनएच-1 से शुरू होकर बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, फरीदाबाद से लेकर पलवल में समाप्त होगा। इसे दिल्ली के आउटर रिंग रोड का नाम दिया गया है क्योंकि अब हरियाणा या यूपी के जिलों से आने-जाने वाले वाहन दिल्ली में एंट्री लिए बिना ही अपनी मंजिल तक पहुंच सकेंगे।
हाइटेक के साथ ईको फ्रैंडली होगा एक्सप्रेस-वे
एनएचएआई द्वारा बनाए गए एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर करीब ढाई लाख पेड़ लगाए गए हैं। इसके अलावा हर पांच से दस किलोमीटर के बीच वॉटर हार्वेस्टिंग प्रणाली लगाने की भी योजना बनाई जा रही है। इससे बारिश का पानी पाइप के माध्यम से सीधे जमीन के अंदर चला जाएगा।
दोनों ओर होंगी चित्रकारी
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर सफर करने वाले लोगों को बेहतरीन नजारे देखने को भी मिलेंगे। दरअसल, एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ प्रकृति के नजारे, एतिहासिक स्थलों, पर्यटन स्थलों की चित्रकारी की जाएगी। इसके साथ ही यहां सोलर एलईडी लाइटें भी लगाने की योजना बनाई गई है जिसपर काम शुरु हो गया है।
तीन स्थानों पर बनेंगे टोल
बता दें कि पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर तीन टोल बनाए जाएंगे। यह तीनों टोल बूथ जहां स्टेट हाइवे जुड़ रहे हैं, वहां बनाए जाएंगे। इसके लिए गाजियाबाद के डासना और दुहाई और बागपत में एंट्री प्वाइंट पर टोल बनाए जाएंगे। हालांकि अभी टोल टैक्स के रेट तय नहीं हुए हैं। उसपर मंथन चल रहा है।
क्रेन और एंबुलेंस की होगी व्यवस्था
एक्सप्रेस-वे पर हर पांच से दस किमी पर क्रेन और एंबुलेंस की व्यवस्था की जाएगी। जो दुर्घटना होने पर तत्काल मदद के लिए पहुंचेगी। इसके साथ ही जगह-जगह इमरजेंसी टोल फ्री नंबर फ्लैश किए जाएंगे।
इस बाबत एनएचएआई के परियोजना निदेशक ने बताया कि 29 अप्रैल को बागपत में प्रधानमंत्री द्वारा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करने की तिथि प्रस्तावित है। इसका निर्माण सुरक्षा के साथ पर्यावरण को ध्यान में रखकर किया गया है। इसके शुरू हो जाने से दिल्ली-एनसीआर के लोगों को जाम की समस्या से निजात मिलेगी।