नोएडा

Exclusive: प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक का मामला, सस्‍पेंड एसआई ने किया बड़ा खुलासा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सुरक्षा में चूक मामले पर सस्पेंड सब-इंस्पेक्टर ने पत्रिका डॉट कॉम से कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।

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Dec 28, 2017
pm Security lapse in noida Suspend SI made shocking disclosure

राहुल चौहान
नोएडा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के काफिले में किसकी वजह से चूक हुई यह सवाल अभी भी बरकार है। हालांकि, एसएसपी ने इस मामले में एंटी डेमो वाहन के चालक और एक सब इंस्पेक्टर को गलत रूट पर फ्लीट लेकर जाने के लिए सस्पेंड कर दिया। लेकिन पत्रिका डॉट कॉम ने जब इस मामले में पड़ताल की तो मामला कुछ और ही नजर आया।

काफिले का हिस्सा नहीं था एंटी डेमो वाहन
इस पूरे मामले की पड़ताल करने के लिए पत्रिका डॉट कॉम की टीम जब सस्पेंड हुए सब इंस्पेक्टर दिलीप सिंह से बात की तो बड़े चौंकाने वाले खुलासे हुए। दिलीप सिंह ने बताया, 'हम एंटी डेमो वाहन में थे जो कि प्रधानमंत्री के काफिले से करीब 500 मीटर की दूरी पर चलती है। साथ ही हमारी गाड़ी पीएम के काफिले का हिस्सा नहीं था। हमारी जिम्मेदारी पीएम के काफिले से आगे चलकर रास्ते से वाहनों को हटवाना था।'

रिहर्सल के अनुसार तय किया था रास्ता
दिलीप सिंह ने पत्रिका डॉट कॉम को बताया, 'रिहर्सल के दिन हमें जिस रूट पर जाने को कहा गया था। कार्यक्रम के दिन भी हम उसी रूट पर चल रहे थे। यदि हम लोग गलत रूट लेते तो क्या पीछे चल रहे काफिले के चालक या अधिकारी हमें सूचना नहीं देते। यदि रूट में किसी प्रकार का बदलाव किया गया था तो उसकी जानकारी सभी को देनी चाहिए थी। जिससे कि इस तरह की चूक नहीं होती। हालांकि, जो फैसला हमारे उच्च अधिकारियों ने लिया है वह हमें मंजूर है।' दिलीप सिंह ने बताया कि हमें अपने अधिकारियों से किसी तरह की शिकायत नहीं है। लेकिन, सब इंस्पेक्टर के इस बयान के बाद यह सवाल जरूर उठता है कि पीएम की सुरक्षा व्यवस्था में आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे हुई? यदि काफिले के रूट में किसी प्रकार का बदलाव किया गया तो इसकी जानकारी अधिकारियों से लेकर वाहन चालक सहित सबको क्यों नहीं दी गई?

जिसे सौंपी जांच वह मना रहे छुट्टी
गौरतलब है कि पीएम के काफिले में हुई चूक मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। जिसके बाद इस मामले में जांच बैठाई गई। एसएसपी गौतबुद्ध नगर ने एसपी सिटी अरुण कुमार सिंह को जांच अधिकारी नियुक्त किया। जांच के बाद एसएसपी ने एंटी डेमो वाहन चालक जयपाल और एसआई दिलीप सिंह को सस्पेंड कर दिया। हालांकि, एसएसपी के पीआरओ ने बताया कि प्रथम दृष्टि से जांच कर दो लोगों को सस्पेंड कर दिया गया है और अभी आगे की जांच की जा है। लेकिन, जांच अधिकारी तीन दिन की छुट्टी पर चले गए हैं। जिससे यह सवाल भी कहीं न कहीं जरूर उठता है कि पुलिस अधिकारी इस मामले की जांच को लेकर कितने गंभीर हैं?

शासन स्तर पर भी चल रही जांच
काफिले की जिम्मेदारी आईपीएस अधिकारी नितिन तिवारी को दी गई थी। जिसके बाद अब इस मामले में कई बड़े अधिकारियों पर भी गाज गिरने की बात कही जा रही है। जिसकी जांच शासन स्तर पर की चल रही है।

Updated on:
29 Dec 2017 03:35 pm
Published on:
28 Dec 2017 07:17 pm