
भारतीय रेलवे वायरल वीडियो, फोटो सोर्स- वीडियो ग्रैब X (@Madan_Chikna)
Trending Viral Video: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लोगों के बीच चर्चा का नया विषय खड़ा कर दिया है। वीडियो में भारतीय रेलवे के फर्स्ट एसी (1AC) के निजी केबिन को इस तरह सजाया गया है कि वह किसी लग्जरी होटल के कमरे जैसा नजर आता है। फूलों, गुब्बारों और सजावटी लाइटों से सजे इस केबिन को देखकर कई यूजर्स इसे नवविवाहित जोड़े के लिए तैयार किया गया विशेष सेटअप बता रहे हैं। हालांकि, इस वीडियो की ऑफिशियल
पुष्टि नहीं हुई है कि यह किस ट्रेन का है, साथ ही इसे किसने तैयार कराया।
वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा है कि ट्रेन के फर्स्ट एसी के 2 बर्थ वाले निजी केबिन को बेहद आकर्षक अंदाज में सजाया गया है। फर्श से लेकर बेड तक गुलाब की पंखुड़ियां बिखरी हुई हैं। छत और दीवारों पर लाल और सफेद रंग के गुब्बारे लगाए गए हैं, जबकि कृत्रिम फूलों की झालरें और सजावटी लाइटें पूरे केबिन को अलग ही लुक दे रही हैं। दीवार पर फूलों की मदद से "I Love You" (आई लव यू) भी लिखा गया है, जिससे पूरा माहौल किसी होटल के विशेष कमरे जैसा दिखाई देता है।
वीडियो सामने आने के बाद X (पूर्व में ट्विटर), इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यूजर्स ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। कई लोगों ने इसे बेहद क्रिएटिव बताया, जबकि कुछ ने इसे रेलवे नियमों से जोड़कर सवाल उठाए। एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा, "राजधानी एक्सप्रेस नहीं, यह तो वेडिंग नाइट एक्सप्रेस लग रही है।" वहीं दूसरे यूजर ने टिप्पणी की कि "ट्रेन स्टेशन पर रुक जाएगी, लेकिन इस कोच की चर्चा लंबे समय तक चलती रहेगी।"
वीडियो वायरल होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठा कि क्या भारतीय रेलवे अपने कोच के अंदर इस तरह की सजावट की अनुमति देता है? रेलवे के सामान्य नियमों के अनुसार सार्वजनिक कोचों जैसे स्लीपर, थर्ड एसी और सेकेंड एसी में किसी भी प्रकार की निजी सजावट या बदलाव की अनुमति नहीं होती।
हालांकि, फर्स्ट एसी के दो बर्थ वाले कूप (Coupe) या चार बर्थ वाले केबिन (Cabin) में यात्रियों को अपेक्षाकृत अधिक गोपनीयता मिलती है। इसके बावजूद किसी भी तरह की अतिरिक्त सजावट या व्यवस्था करने से पहले रेलवे प्रशासन और संबंधित कोच अटेंडेंट की अनुमति आवश्यक मानी जाती है।
यदि किसी विशेष अवसर पर केबिन सजाया भी जाता है, तो सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य होता है। रेलवे के अनुसार केबिन के अंदर मोमबत्ती, माचिस या अन्य ज्वलनशील वस्तुओं का उपयोग नहीं किया जा सकता। इसके अलावा यात्रियों को कोच की इलेक्ट्रिक वायरिंग, लाइटिंग या अन्य तकनीकी व्यवस्था से किसी प्रकार की छेड़छाड़ करने की अनुमति नहीं होती।
साथ ही यह भी जरूरी है कि सजावट के कारण आपातकालीन निकास, गलियारा या अन्य आवश्यक रास्ते अवरुद्ध न हों और रेलवे की किसी भी संपत्ति को नुकसान न पहुंचे।
अगर किसी विशेष अवसर पर केबिन सजाया भी जाता है, तो सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य होता है। रेलवे के अनुसार केबिन के अंदर मोमबत्ती, माचिस या अन्य ज्वलनशील वस्तुओं का उपयोग नहीं किया जा सकता। इसके अलावा यात्रियों को कोच की इलेक्ट्रिक वायरिंग, लाइटिंग या अन्य तकनीकी व्यवस्था से किसी प्रकार की छेड़छाड़ करने की अनुमति नहीं होती।
साथ ही यह भी जरूरी है कि सजावट के कारण आपातकालीन निकास, गलियारा या अन्य आवश्यक रास्ते अवरुद्ध न हों और रेलवे की किसी भी संपत्ति को नुकसान न पहुंचे।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि वायरल वीडियो किस ट्रेन का है, इसे कब रिकॉर्ड किया गया और क्या इस सजावट के लिए रेलवे से पूर्व अनुमति ली गई थी। हालांकि, वीडियो ने सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों का ध्यान जरूर आकर्षित किया है और रेलवे में निजी केबिन के इस्तेमाल को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
Updated on:
08 Jul 2026 04:22 pm
Published on:
08 Jul 2026 04:22 pm
