रसोई गैस की बढ़ती कीमतों से आमलोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
नोएडा. रसोई गैस की बढ़ती कीमतों से आमलोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। पिछले कुछ समय में ही रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 800 रुपये के पार पहुंच गई है। बढ़ती कीमतों की वजह से आमलोगों को रसोई गैस सिलेंडर अधिक कीमत पर खरीदना होता है। रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार लोगों को कम कीमत पर खाना पकाने के लिए एक और विकल्प उपलब्ध कराने चाहती है।
सरकार उज्ज्वला योजना की तर्ज पर आसान किस्तों में इंडक्शन चूल्हा देने की कवायद में जुटी है। इसका फायदा यह होगा कि परिवार को सालाना पंद्रह सौ रुपये की बचत हो जाएगी। ये इंडक्शन चूल्हे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवारों को उपलब्ध कराये जाएंगे। बजट को कम करने के लिए एक मुश्त कीमत देकर भी यह इंडक्शन चूल्हा खरीदा जा सकता है। साथ ही किस्तों में भी।
अगर कोई चूल्हा खरीदता है तो उसे हर माह बिजली के बिल के साथ किस्त अदा करनी होगी। एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड की तरफ से इंडक्शन चूल्हे का प्रस्ताव बिजली मंत्रालय को भेज दिया गया है।
बढ़ती कीमतों से परेशान है आमलोग
पिछले सालों में रसोई गैंस सिलेंडर की कीमतों में काफी इजाफा हुआ है। बढ़ती कीमतों की वजह से आमलोग भी परेशान है। दरअसल में रसोई गैस सिलेंडर औसतन 22 से 25 दिन चलता है। जबकि कीमत सिलेंडर की 800 रुपये से अधिक है।
यह है कीमत
सिंगल इंडक्शन चूल्हे की कीमत करीब 800 रुपये है। वहीं डबल इंडक्शन चूल्हे की कीमत 1500 रुपये है। एक्सपर्ट की माने तो सामान्य परिवार में इंडक्शन के जरिये खाना बनाने में करीब सौ यूनिट प्रति माह का खर्च होती है।
ऐसे मिलेगा चूल्हा
केंद्र सरकार ने सौभाग्य योजना के तहत घर-घर में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। योजना के तहत 2022 तक सभी को 24 घंटे बिजली मुहैया कराने की प्लानिंग कर ली गई है। इसके तहत इंडक्शन चूल्हे के लिए बिजली की उपलब्धता की कोई समस्या सामने नहीं आएगी।