अब भाजपा के लिए मुसीबत बने ये तीन अक्षर। इस वीआईपी सीट के लिए बढ़ी भाजपा की टेंशन
नोएडा। गोरखपुर और फूलपुर पर चुनाव समाप्त हो चुके हैं। अब सभी राजनीतिक दिग्गजों की नजर यूपी के कैराना सीट पर टिक गई है। इस सीट पर सभी पार्टियां अपना कब्जा जमाने चाहते हैं। वहीं, भाजपा हर हाल में अपने गढ़ में दोबारा काबिज होना चाहती है। जबकि, विपक्ष गोरखपुर और फूलपुर की तरह एक बार फिर भाजपा को शिकस्त देना चाहते हैं। इसके लिए रणनीति भी शुरू हो गई है। लेकिन, इस सीट पर तीन अक्षरों का काफी मायने हैं। ये अक्षर हैं RAM, यानी R से राहुल, A से अखिलेश, M से मायावती। अगर ये तीनों अक्षर इस सीट पर साथ आ गए तो भाजपा के लिए काफी मुसीबत खड़ी हो जाएगी।
गठबंधन की शुरू हुई हवा
गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीट पर भाजपा को करारी टक्कर देने के लिए सपा और बसपा ने गठबंधन किया था। इस गठबंधन ने भाजपा के गढ़ में उन्हें करारी शिकस्त दी। हालांकि, कांग्रेस ने यहां से अपना उम्मीदवार खड़ा किया था। लेकिन, राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, कैराना लोकसभा सीट पर तीनों एक साथ आने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए पहल भी शुरू हो गई है। बसपा और सपा के नेता और कार्यकर्ता इस गठबंधन से बेहद ही खुश हैं और वो चाहते हैं कि इनका गठबंधन आगे भी बना रहे। ऐसे में अगर कांग्रेस भी इनके साथ आती है तो एक ओर जहां गठबंधन को भी मजबूती मिलेगा। वहीं, इससे भाजपा के सपने पर पानी भी फिर सकता है। लेकिन, देखने वाली बात यह होगी कि अगर तीनों बसपा, सपा और कांग्रेस तीनों साथ आते हैं तो उम्मीदवार किस पार्टी का होगा।
दांव पर लगी भाजपा की साख
अपने गढ़ में हारने के बाद अब भाजपा की साख दांव पर लगी है। भाजपा किसी भी सूरत में कैराना सीट बचान चाहती है। चुकि, 2019 में लोकसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले हर हाल में भाजपा यूपी में इस सीट को जीतना चाहेगी। इसके लिए पार्टी के हाईकमान ने रणनीति भी बनानी शुरू कर दी है। इतना ही नहीं इस सीट पर कैसे जीत हासिल की जाए, इसकी रणनीति बनाने के लिए जल्द ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष वेस्ट यूपी का दौरा करने वाले हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि ये तीन अक्षर क्या भाजपा की उम्मीदों पर पानी फेरेंगे या फिर भाजपा इस वीआईपी सीट को बचाने में कामयाब होती है।