Aligarh Liquor Case के बाद गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन एक्शन मोड पर, पुलिस के साथ संयुक्त ऑपरेशन चलाकर कई शराब के ठेकों का औचक निरीक्षण
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
नोएडा. अलीगढ़ में जहरीली शराब (Poisonous Liquor) पीने से लोगों की मौत के बाद उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। सभी जिलों में शराब ठेकों पर निगरानी रखी जा रही है। इसी कड़ी में गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। एसडीएम दादरी ने आबकारी इंस्पेक्टर और पुलिस के साथ संयुक्त ऑपरेशन के तहत कई शराब के ठेकों का औचक निरीक्षण किया और जानकारी हासिल की कि कहीं जिले में गलत तरीके से शराब तो नहीं बेची जा रही है। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने शराब के ठेकों पर तैनात लोगों को आदेश दिया कि किसी भी कीमत पर लॉकडाउन का उल्लंघन ना हो। वहीं, अचानक हुई छापेमारी से शराब के ठेके पर तैनात लोगों पर हड़कंप मच गया।
बता दें कि ग्रेटर नोएडा में यमुना प्राधिकरण क्षेत्र का काफी बड़ा हिस्सा बुलंदशहर और अलीगढ़ से सटा हुआ है। गौतमबुद्ध नगर में यमुना और हिंडन का क्षेत्र अवैध रूप से देसी शराब बनाए जाने के लिए बदनाम है। वैसे भी यमुना के दूसरी तरफ हरियाणा की सीमा लगती है। जहां से गौतमबुद्ध नगर की ओर बड़े स्तर पर शराब की तस्करी की जाती रही है। शराब माफिया पर नकेल कसने के लिए प्रशासन, आबकारी और पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया है। इसके अलावा अलग-अलग टीमें शराब की दुकानों पर भी छापेमारी कर रही हैं। शराब की दुकानों पर छापेमारी कर देखा जा रहा है कि कहीं ठेका संचालक जहरीली शराब की सप्लाई तो नहीं कर रहे हैं।
एसडीएम दादरी और एक्साइज इंस्पेक्टर ने ठेका संचालकों को सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों के साथ शराब की बिक्री के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि बगैर मास्क आने वाले लोगों को शराब की बिक्री न की जाए और किसी भी कीमत पर नाबालिग को शराब ने बेची जाए। सभी को हिदायत दी गई कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।