नोएडा

रिटायर्ड कर्नल की शिकायत पर एडीएम के घर के छज्जे को प्राधिकरण ने किया धवस्त

प्राधिकरण की टीम ने एडीएम के घर का वो छज्जा धवस्त कर दिया जो अतिक्रमण का हिस्सा है।
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Updated: 23 Aug 2018, 4:37 PM IST
noida
रिटायर्ड कर्नल की शिकायत पर एडीएम के घर के छज्जे को प्राधिकरण ने किया धवस्त

नोएडा। रिटायर्ड कर्नल विरेंद्र प्रताप चौहन और एडीएम का मामला लगातार बढ़ता ही जा रहा है। जहां एक तरफ रिटायर्ड कर्नल वीरेंद्र प्रताप सिंह को जमानत मिल गई है। वहीं अब प्राधिकरण की टीम ने एडीएम के घर का वो छज्जा धवस्त कर दिया जो अतिक्रमण का हिस्सा है। खास बात यह है कि ये कार्रवाई गुरुवार तड़के 5 बजे की गई। इस दौरान प्राधिकरण की टीम के साथ भारी पुलिस बल भी तैनात रहा। इसके साथ ही हथकड़ी लगाकर जेल भेजने के मामले में एसएसपी ने कार्रवाई करते हुए थाना सेक्टर-20 तत्कालीन एसएचओ मनीष सक्सेना लाइन हाजिर किया गया है, जबकि क्षेत्रधिकारी प्रथम अनित कुमार को भी दादरी सर्किल से हटा दिया है।

रिटायर्ड कर्नल की पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने एसडीएम के साथ तैनात सिपाही राहुल नागर और जितेंद्र अवस्थी को जेल भेज दिया है। वहीं आरोपी एडीएम शामिल चार अन्य फरार बताए जा रहे हैं। इस बाबत रिटायर्ड कर्नल वीरेंद्र सिंह चौहान ने एक प्रेसवार्ता कर पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं। इसके साथ ही उन्होने सीएम योगी आदित्य नाथ को एक सात सूत्रीय मांग पत्र जारी कर कार्रवाई मांग की है।

सेक्टर 29 स्थित अपने सहयोगियों के साथ प्रेसवार्ता कर रिटायर्ड कर्नल ने पुलिस और प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के लिए लड़ने वाले सैनिकों के साथ जब पुलिस इस तरह की एकतरफा कार्रवाई कर सकती है, तो सोचिए कि आम लोगों के साथ कैसा व्यवहार करती होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के कहने पर ही उनके खिलाफ यह कार्रवाई हुई। लेकिन अब पुलिस आरोपी एडीएम और उनकी पत्नी को कैसे नहीं पकड़ पा रही है। उन्होंने शासन से एडीएम को सस्पेंड करने और उनकी संपत्तियों की जांच की कराने की भी मांग की है।

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उन्होंने कहा कि एडीएम हरीश चन्द्रा और उसकी पत्नी ने मुझ पर जो भी आरोप लगाए, वह गलत हैं और यह उनकी सोची-समझी साजिश थी। इसके पीछे मुख्य कारण एडीएम द्वारा अपने फ्लैट में किए जा रहे अवैध निर्माण में हस्तक्षेप करना था। एडीएम ने अपने रसूख का फायदा उठाकर और पुलिस के साथ मिलकर मुझे झूठे आरोपों में जेल भिजवाया। हालांकि सीसीटीवी फुटेज से सब साफ हो गया कि किसने क्या किया। जिसके बाद ही डीएम ने एडीएम समेत सात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। हालांकि इसके बाद भी अभी तक एडीएम और उसकी पत्नी व अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई।

एसएसपी डॉ अजय पाल शर्मा ने बताया कि रिटायर्ड कर्नल से उनकी मुलाकात हुई है और उन्होंने अधिकारियों पर दु‌र्व्यवहार करने का आरोप लगाया था। जिसके बाद क्षेत्राधिकारी को दादरी सर्किल से हटाया गया है और तत्कालीन कोतवाली प्रभारी रहे मनीष सक्सेना को भी सूरजपुर कोतवाली से लाइन हाजिर किया गया है। एडीएम को पकड़ने के लिए कोशिश चल रही हैं, लेकिन अभी तक उनका पता नहीं लग सका है।

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