नोएडा

सपा, बसपा और रालोद की रैलियों को लेकर हुआ बड़ा खुलासा, इसलिए ये पार्टियां नहीं कर रही चुनाव प्रचार

नवरात्रि के शुभमुहूर्त में चुनाव प्रचार की है चर्चा होली के बाद 25 तारीख से ये पार्टियां कर सकती हैं चुनाव प्रचार

2 min read
Mar 14, 2019

नोएडा.समाजवादी पार्टी (सपा) बहुजम समाज पार्टी (बसपा) और राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के बीच गठबंधन होने के बाद भी अभी तक इन पार्टियों का चुनाव प्रचार शुरू नहीं हो पाया है। इस देरी की एक वजह अभी टिकटों की घोषणा नहीं होना है। वहीं, दूसरी वजह यह बताई जा रही है कि चुनाव प्रचार की शुरुआत ये पार्टियां नवरात्रों के शुभ दिनों से चुनाव प्रचार की शुरुआत करना चाहती है। बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी-बहुजन समाज पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल की संयुक्त चुनाव रैलियां चरणबद्ध तरीके से होली के बाद शुरू हो जाएंगी। यानी पश्चिमी उत्तर प्रदेश से इन संयुक्त रैलियों की शुरूआत नवरात्रि के पवित्र दिनों में 25 मार्च से हो सकती है।

बताया जाता है कि बहुजन समाज पार्टी के कार्यालय में गुरुवार को इस संबंध में एक लंबी बैठक चली। इस बैठक में लोकसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की गई। यह भी खबर है कि बैठक से पहले ही 34 प्रत्याशियों के नाम की सूची फाइनल की गई। ऐसी चचार् है कि पार्टी शुक्रवार को इस सूची को जारी कर सकती है। इसके साथ ही बसपा , सपा और रालोद होली के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश से संयुक्त चुनावी रैली का आयोजन करेंगे। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि 25 मार्च से इन पार्टियों की रैलियां शुरू हो सकती है।

यह भी पढ़ें- चुनाव से पहले BJP के लिए आई सबसे बुरी खबर, वोट मांगने पहुंचे केन्द्रीय मंत्री को लोगों ने गाँव से दौड़ाकर भगाया, देखें वीडियो

आपको बता दें कि 2019 लोकसभा चुनाव को लेकर बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने फैसला किया था कि सपा 37 सीटों पर, जबकि बसपा 38 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। यानी सीटों को लेकर दोनों पार्टियों के बीच सहमति बन चुकी है। यह भी तय हो गया है किस सीट से कौन पार्टी चुनाव लड़ेगी। इस बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीटकर ऐलान किया है कि लोकसभा चुनाव के प्रचार के लिए सपा-बसपा संयुक्त रैलियां करेंगी। यानि दोनों दल अपने अपने दलों की रैलियों के साथ साझा चुनावी रैलियां करके सपा और बसपा गठबंधन के पक्ष में माहौल बनाने का काम करेंगे, ताकि जमीन पर कार्यकर्ता भी अपने मतभेद भुलाकर एक साथ काम कर सके।

Published on:
14 Mar 2019 08:23 pm
Also Read
View All