2019 के लोकसभा चुनाव में सपा को कई सीटों पर करना पड़ा था हार का सामना सपा ने उत्‍तर प्रदेश अध्‍यक्ष काे छोड़कर बाकी सभी इकाइयां कर दी थी भंग भाजपा में एंट्री कर गए थे सपा के तीन राज्‍यसभा सांसद
नोएडा। 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा ( BSP ) से गठबंधन के बावजूद सपा ( Samajwadi Party ) को कई सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था। चुनाव में अखिलेश यादव के परिवार के सदस्य ही अपनी सांसदी गंवा बैठे थे। पार्टी अपनी परंपरागत सीटों पर चुनाव हार गई थी। उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा उपचुनाव से पहले सपाम और बसपा का गठबंधन भी टूट चुका है। हाल ही में सपा ने उत्तर प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल काे छोड़कर बाकी सभी इकाइयां भंग कर दी थी। अब चर्चा चल रही है कि सपा अपने प्रदेश अध्यक्ष को भी बदल सकती है।
नरेश उत्तम को हटाने की चर्चा
हाल ही में सपा के तीन राज्यसभा सांसद टूटकर भाजपा में एंट्री कर गए थे। इसके बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सख्ती दिखाते हुए प्रदेश की सभी इकाइयों को भंग कर दिया था। हालांकि, उस समय प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल की कुर्सी सलामत रही थी। अब चर्चा चल रही है कि नरेश उत्तम पटेल की जगह किसी और दिग्गज नेता को प्रदेश की कमान सौंपी जा सकती है। इसके बदले में नरेश उत्तम पटेल को संगठन में कोई और बड़ा पद दिया जा सकता है।
इनको मिल सकती है कमान
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव को सपा का प्रदेश अध्यक्ष बना सकते हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही उनके नाम का ऐलान हो सकता है। लोकसभा चुनाव में धर्मेंद्र यादव की हार कारण कुछ करीबियों को माना जा रहा था। बताया जा रहा है कि वे सोशल मीडिया पर तो काफी एक्टिव थे लेकिन जमीन पर दिखाई नहीं दिए। माना जा रहा है कि धर्मेंद्र यादव के नाम के ऐलान के बाद ऐसे नेता सक्रिय हो जाएंगे। इस बारे में जब पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव से बात की गई तो उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं है। ये सारी चर्चाएं सोशल मीडिया पर चल रहीं हैं। इसमें कुछ सच्चाई नहीं है। वहीं, सपा के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता राजकुमार भाटी का कहना है कि ये अफवाहें विरोधी दलों की साजिश हैं। ऐसा कुछ भी नहीं है।