
नोएडा. आज से भगवान भोलेनाथ पवित्र माह सावन शुरू हो गया है। कहा जाता है कि भोलेनाथ एकमात्र एेसे देव हैं, जो बहुत जल्दी ही भक्तों से प्रसन्न होकर उनपर अपनी कृपा बरसा देते हैं। इसलिए सावन के महीने में उनकी विशेष पूजा की जाती है, लेकिन इस पूजा में अगर किसी से अनजाने में भी कोई गलती हो जाए तो भगवान शंकर उनसे रुष्ट हो जाते हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित चंद्रशेखर शर्मा कहते हैं कि सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा करने से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और लोगों के बिगड़े काम बन जाते हैं, लेकिन भगवान शिव को 7 वस्तुएं कभी नहीं चढ़ानी चाहिएं, जो भी व्यक्ति अज्ञानतावश इन 7 चीजों को भगवान भोलेनाथ को अर्पित करता है उससे भगवान खुश होने के बजाए रुष्ट हो जाते हैं।
शंख
पंडित चंद्रशेखर शर्मा बताते हैं कि पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान शिव ने शंखचूड़ नाम के असुर का वध किया था। शंख को उसी असुर का प्रतीक माना जाता है, जो भगवान विष्णु का भक्त था। इसलिए विष्णु भगवान की पूजा शंख से होती है भगवान शिव की नहीं।
तुलसी
एक पौराणिक कथा के अनुसार जलंधर नामक असुर की पत्नी वृंदा के अंश से तुलसी का जन्म हुआ था, जिसे भगवान विष्णु ने पत्नी रूप में स्वीकार किया है। इसलिए तुलसी से भी शिव जी की पूजा नहीं होती है।
तिल
कहा जाता है कि तिल भगवान विष्णु के मैल से उत्पन्न हुआ था। इसलिए इसे भोलेनाथ पर अर्पित नहीं किया जाता।
टूटे हुए चावल
शास्त्रों में लिखा है कि टूटा हुआ चावल अपूर्ण और अशुद्ध होता है। इसलिए यह शिव जी को नही चढ़ाना चाहिए।
कुमकुम
यह सौभाग्य का प्रतीक है, जबकि भगवान शिव वैरागी हैं। इसलिए शिव जी को कुमकुम कभी नहीं चढ़ाना चाहिए।
हल्दी
हल्दी का संबंध भगवान विष्णु और सौभाग्य से है। इसलिए यह भगवान शिव को नहीं चढ़ाना चाहिए।
नारियल पानी
नारियल देवी लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है, जिनका संबंध भगवान विष्णु से है। इसलिए नारियल भी कभी भगवान शिव को नहीं नहीं चढ़ाना चाहिए।