
Supernova Spira Tower Noida Features Details:नोएडा के सेक्टर-94 स्थित सुपरनोवा सोसाइटी के स्पायरा टावर में शनिवार को एक युवक की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, मृतक संभव जैन मानेसर (गुरुग्राम) का रहने वाला था। वह Airbnb के जरिए एक दिन के लिए वहां ठहरा हुआ था। पुलिस ने बताया कि वह कथित तौर पर कर्ज और मानसिक तनाव से परेशान था। परिवार को सूचना दे दी गई है और जांच चल रही है। इस घटना के बाद सोसाइटी परिसर में हड़कंप मच गया।
सुपरनोवा एक मिक्स्ड-यूज प्रोजेक्ट है, जिसमें रेसिडेंशियल और कमर्शियल दोनों हिस्से शामिल हैं। हाल के दिनों में यहां शॉर्ट-टर्म रेंटल और सुरक्षा को लेकर सख्ती भी बढ़ाई गई है। अब इस बिल्डिंग के बारे में विस्तार से जानिए।
सुपरनोवा प्रोजेक्ट का स्पायरा टावर नोएडा और दिल्ली-एनसीआर की सबसे ऊंची इमारतों में गिना जाता है। मूल योजना में इसे लगभग 300 मीटर ऊंचा और 80 मंजिल का बनाने का लक्ष्य था, जिससे यह मुंबई के बाहर भारत की सबसे ऊंची इमारतों में शुमार होता। निर्माण में देरी और वित्तीय समस्याओं के कारण योजना में बदलाव हुए। वर्तमान में संरचना लगभग 68-72 मंजिल तक पूरी मानी जाती है। पूरा होने पर यह दिल्ली-एनसीआर का सबसे ऊंचा टावर बनने का दावा रखता है। यह यमुना नदी के किनारे और ओखला बर्ड सैंक्चुअरी के पास स्थित है, जिससे ऊंचाई से शहर और नदी का व्यापक नजारा दिखता है।
स्पायरा टावर मिक्स्ड-यूज स्काईस्क्रेपर है। इसमें निचली मंजिलों पर रेसिडेंशियल अपार्टमेंट, मध्य मंजिलों (लगभग 19 से 43) पर लग्जरी सुइट्स और सर्विस्ड अपार्टमेंट, तथा ऊपरी हिस्सों में स्काई विला और ऑफिस स्पेस की व्यवस्था है। यूके की आर्किटेक्ट फर्म बेनॉय (Benoy) ने इसका डिजाइन किया है, जो यमुना नदी की लहरों से प्रेरित है। इसमें हाई-स्पीड डेस्टिनेशन-कंट्रोल्ड लिफ्ट्स (लगभग 37), पैनोरेमिक व्यू, और ग्रीन बिल्डिंग फीचर्स शामिल हैं। हेलीपैड और ऑब्जर्वेटरी डेक की योजना भी थी। प्रोजेक्ट में नोवा ईस्ट और नोवा वेस्ट जैसे पूर्ण रेसिडेंशियल टावर भी हैं। लोकेशन एक्सप्रेसवे, मेट्रो स्टेशन और दिल्ली से नजदीक होने के कारण इसे प्रीमियम माना जाता है।
सुपरटेक ने 2010-11 में सुपरनोवा प्रोजेक्ट की कल्पना की। स्पायरा टावर का निर्माण 2012 में शुरू हुआ। शुरुआती वर्षों में प्रगति हुई, लेकिन कोविड-19, वित्तीय संकट और इन्सॉल्वेंसी प्रोसीडिंग्स के कारण काम बाधित रहा। 2024 में इन्सॉल्वेंसी शुरू हुई और कुछ निवेश की खबरें आईं, फिर भी निर्माण ज्यादातर ऑन-होल्ड रहा। नोवा ईस्ट और वेस्ट टावर पहले रेडी-टू-मूव हो चुके हैं, जबकि स्पायरा का कुछ हिस्सा अधूरा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत एम्पॉवर्ड कमिटी प्रोजेक्ट के समाधान की निगरानी कर रही है।
कीमतें यूनिट के प्रकार, साइज और मंजिल पर निर्भर करती हैं। रीसेल मार्केट में स्टूडियो या 1 बीएचके (लगभग 595 वर्ग फुट) 80 लाख से 1.25 करोड़ रुपये के आसपास उपलब्ध बताए जाते हैं। 2 बीएचके लगभग 1.97 से 3 करोड़ रुपये तक और 3-4 बीएचके बड़े साइज (3000 वर्ग फुट से ऊपर) 5 करोड़ से 7-8 करोड़ रुपये या उससे अधिक में मिल सकते हैं। प्रति वर्ग फुट रेट लगभग 15,000 से 25,000 रुपये या उससे ऊपर रिपोर्ट किया गया है। किराए पर स्टूडियो या छोटे यूनिट 25,000-55,000 रुपये प्रति माह से शुरू हो सकते हैं। कीमतें बाजार स्थिति, फर्निशिंग और लोकेशन के हिसाब से बदलती रहती हैं। खरीदारों को रजिस्ट्री और ओसी (ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट) संबंधी मुद्दों पर भी ध्यान देना चाहिए।
सुपरनोवा में कई लग्जरी सुविधाएं बताई जाती हैं। इनमें 24x7 सुरक्षा, पावर बैकअप, हाई-स्पीड लिफ्ट्स, रिजर्व्ड पार्किंग, क्लबहाउस, स्विमिंग पूल, जिम, जॉगिंग ट्रैक, इंडोर गेम्स, पार्क और लैंडस्केप्ड एरिया शामिल हैं। कुछ रिपोर्ट्स में स्काई लाउंज, वेलनेस जोन और कंसीयज सर्विस का जिक्र है। मिक्स्ड-यूज होने के कारण रिटेल और ऑफिस स्पेस भी हैं। हालांकि, निवासियों ने पानी की सप्लाई (गंगाजल बकाया के कारण समस्या), रखरखाव और शॉर्ट-टर्म रेंटल से जुड़े सुरक्षा मुद्दों की शिकायतें की हैं। हाल ही में अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन ने Airbnb जैसे प्लेटफॉर्म्स पर शॉर्ट-स्टे को सीमित करने के नियम लागू किए हैं।