
नोएडा। शहर के सेक्टर-94 में बन रही देश की सबसे ऊंची इमारतों में से एक सुपरटेक सुपरनोवा का काम भी अब बाकी बिल्डर प्रोजेक्टों की तरह ही अधर में लटक गया है। जिसके चलते सैकड़ों निवेशकों के करोड़ों रुपये फंसते नजर आ रहे हैं। वहीं प्राधिकरण का सैकड़ों करोड़ रुपए बकाया होने के कारण बिल्डिंग में तैयार फ्लोर का भी कंप्लीशन सर्टिफिकेट भी जारी नहीं किया जा रहा। करीब 50 लाख वर्ग फीट में बन रही 80 मंजिला सुपरनोवा बिल्डिंग का काम 2012 में शुरु हुआ था। जिसका निर्माण कार्य बिल्डर ने जून 2018 तक पूरा करने का दावा किया है। लेकिन अभी तक बिल्डिंग में महज 56 फ्लोर ही बने हैं और बिल्डिंग का निर्माण कार्य भी रुक गया है। जिसके चलते निवेशकों में असमंजस की स्थिति है क्योंकि ज्यादातर लोगों ने 80 फीसदी तक पैसा बिल्डर को दे दिया है।
प्राधिकरण का 363 करोड़ रुपये बकाया
वहीं बिल्डिंग में जितने फ्लोर बनकर तैयार हुए हैं उन्हें भी बिल्डर निवेशकों को नहीं दे पा रहा। क्योंकि प्राधिकरण का 363 करोड़ रुपये बकाया होने के कारण बिल्डर को सीसी जारी नहीं किया जा रहा। इस संबंध में जानकारी देते हुए प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि बिल्डर ने इसी साल मार्च- अप्रैल में सीसी के लिए आवेदन किया था। लेकिन बिल्डर पर प्राधिकरण का 363 करोड़ रुपया बकाया होने के चलते सीसी का आवेदन रिजेक्ट कर दिया गया। जिसके बाद न तो बिल्डर ने प्राधिकरण का पैसा चुकाया और न ही दोबारा सीसी के लिए आवेदन किया।
लग्जरी से लैस होगी सुपरनोवा बिल्डिंग
2000 करोड़ की लागत से बन रही देश की सबसे ऊंची बिल्डिंगों में से एक सुपरटेक सुपरनोवा का निर्माण कार्य रूक तो गया है, लेकिन बिल्डर के मास्टर प्लान के अनुसार जब भी यह बिल्डिंग बनकर तैयार होगी, तब यह लग्जरी चीजों से लैस होगी। इसमें कॉमर्शियल से लेकर रेशिडेंशियल तक की सुविधाए होंगी। बिल्डिंग के अंदर ही पांच सितारा होटल, मॉल, क्लब आदि कि सुविधाएं होंगी। हालांकि इन सभी सुविधाओं का लाभ निवेशक कब तक ले पाएंगे यह कहना फिलहाल मुश्किल है।
सुपरनोवा के नाम पर होगा मेट्रो स्टेशन
बॉटेनिक गार्डन से लेकर कालिंदी कुंज मेट्रो प्रोजेक्ट इसी साल पूरा होने वाला है। जिसके साथ ही कालिंदी कुंज पर बनने वाले मेट्रो स्टेशन का नाम सबसे ऊंची इमारत सुपरटेक सुपरनोवा के नाम पर ही रखा जाएगा। इसके लिए बिल्डर ने डीएमआरसी को प्रस्ताव भेजा है।