नोएडा

एल्विश यादव को ‘जहरीले सांप’ से मिला छुटकारा, सुप्रीम कोर्ट ने दी बड़ी राहत

Elvish Yadav: सुप्रीम कोर्ट ने एल्विश यादव के खिलाफ सांपों के जहर वाला केस रद्द किया। कोर्ट ने कहा कि कानून के तहत शिकायत सही प्रक्रिया से दर्ज नहीं थी। जानें क्या थी कोर्ट की नसीहत।

2 min read
Mar 19, 2026
Supreme Court grants relief to Elvish Yadav in poisonous snake case

Elvish Yadav: फेमस यूट्यूबर और बिग बॉस ओटीटी विजेता एल्विश यादव को देश की सर्वोच्च अदालत से बड़ी कानूनी जीत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा में दर्ज सांपों के जहर के कथित इस्तेमाल और रेव पार्टी से जुड़े मामले को पूरी तरह खत्म कर दिया है। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की खंडपीठ ने एल्विश के खिलाफ दर्ज एफआईआर (FIR) और उसके बाद की सभी कानूनी कार्यवाहियों को रद्द करने का आदेश दिया।

क्यों टिकाऊ नहीं था यह मामला?

सुप्रीम कोर्ट ने कानूनी बारीकियों का हवाला देते हुए कहा कि वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत यह शिकायत कानूनन टिक नहीं सकती। अदालत के अनुसार, इस अधिनियम के तहत शिकायत किसी अधिकृत व्यक्ति द्वारा दाखिल नहीं की गई थी। इसके अलावा, खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि यादव के खिलाफ लगाए गए आरोप गुरुग्राम में दर्ज एक पुरानी एफआईआर पर आधारित थे, जिसमें पुलिस पहले ही 'क्लोजर रिपोर्ट' दाखिल कर चुकी है। एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के प्रावधानों को खारिज करते हुए बेंच ने कहा कि सह-आरोपी से बरामद तरल पदार्थ (एंटी-वेनम) मादक पदार्थों की निर्धारित अनुसूची के अंतर्गत नहीं आता, इसलिए ये धाराएं लागू नहीं होतीं।

'आप बेजुबानों के साथ नहीं खेल सकते'

भले ही कोर्ट ने केस रद्द कर दिया हो, लेकिन पिछली सुनवाई के दौरान एल्विश यादव को कड़ी नसीहत भी दी गई थी। कोर्ट ने चिंता जताते हुए कहा था कि अगर मशहूर हस्तियां सांपों जैसे बेजुबान जीवों का इस्तेमाल प्रदर्शन के लिए करती हैं, तो समाज में गलत संदेश जाता है। न्यायाधीशों ने सवाल किया, "क्या आप चिड़ियाघर जाकर वहां जानवरों के साथ खेल सकते हैं? क्या यह जुर्म नहीं होगा? आप सेलिब्रिटी होने के नाते यह नहीं कह सकते कि आप जो चाहें करेंगे।"

एल्विश और यूपी सरकार की दलीलें

सुनवाई के दौरान एल्विश की वकील मुक्ता गुप्ता ने तर्क दिया कि एल्विश केवल गायक फाजिलपुरिया के एक वीडियो शूट में अतिथि भूमिका के लिए गए थे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रेव पार्टी या मादक पदार्थों के सेवन का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है और मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार बरामद नौ सांप जहरीले नहीं थे। वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार के वकील ने दलील दी थी कि पुलिस ने मौके से पांच कोबरा समेत नौ सांप बचाए थे और वहां संदिग्ध जहर का इस्तेमाल पाया गया था। हालांकि, तकनीकी और कानूनी आधारों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत के संज्ञान आदेश और चार्जशीट सहित पूरी कार्यवाही को निरस्त कर दिया है।

Published on:
19 Mar 2026 02:19 pm