केरल से उरी हमले पर प्रधानमंत्री के दिए गए बयान पर पूरे देश में तीव्र प्रतिक्रिया हुई है। हिन्दू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि ने कहा है कि मोदी हमेशा अपने मन की बात करते हैं, लेकिन आज उन्हें अपने मन की नहीं बल्कि पूरे देश के मन की बात सुननी चाहिए। आज पूरे देश में पाकिस्तान के प्रति भारी आक्रोश है और लोग पाकिस्तान से सैनिकों की मौत का बदला लेना चाहते हैं। प्रधानमंत्री को देश के 125 करोड़ लोगों के दिलों की आवाज सुननी चाहिए और पाकिस्तान को ऐसा सबक सिखाना चाहिए कि वह कभी दोबारा इस तरह की हरकत न कर सके।
भाषण से आगे बढ़ें प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री के बयान से क्षुब्ध हिन्दू सन्त ने कहा कि मोदी भाषण करने की कला में बहुत माहिर हैं और देश उनकी इस कला से खूब वाकिफ है, लेकिन आज उन्हें यह समझना चाहिए कि वे जिस पद पर हैं वहां उन्हें भाषण देने के लिए नहीं बल्कि कार्रवाई करने के लिए चुना गया है। ऐसे में वे कोरी भाषणबाजी बन्द करें और कार्रवाई करके दिखाएं। जिन लोगों को उनके भाषणों से उम्मीद बन्धी होती थी, वे कल के उनके भाषण से बहुत निराश हुए हैं। लोगों को उम्मीद थी कि पीएम पाकिस्तान पर कार्रवाई की बात करेंगे लेकिन वे ऐसा कुछ भी नहीं कर सके।
भाषण के लिए नहीं कार्रवाई के लिए याद रखे जाते हैं प्रधानमंत्री
स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि देश में कोई प्रधानमंत्री इसलिए नहीं याद रखा जाएगा कि उसने बहुत अच्छा भाषण दिया। बल्कि देश उन्हीं प्रधानमंत्रियों को याद रख रहा है जिन्होंने अपने कार्य से देश का इतिहास लिखा है। इंदिरा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को कोई इसलिए याद नहीं रखता कि उन्होंने बड़े अच्छे भाषण दिए थे, बल्कि उन्हें इसलिए याद रखा जाता है क्योंकि उन्होंने शानदार काम किये। उन्होंने कहा कि मोदी जी को यह सच्चाई समझनी चाहिए और देश की मनोभावना को समझते हुए कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
युद्ध नहीं तो आजमाएं विकल्प
हिन्दू सन्त चक्रपाणि ने कहा कि एक बार को उनकी इस बात को सही ठहराया जा सकता है कि वे पाकिस्तान के ऊपर सीधा हमला करना ठीक नहीं मानते, लेकिन ऐसे अनेक विकल्प हैं जो उन्हें कार्रवाई करने का अवसर देते हैं। उन्होंने कहा कि मोदी पाकिस्तान को दुनिया से अलग-थलग करने की बात करते हैं तो सबसे पहले इसकी शुरुआत उन्हें अपने घर से करनी चाहिए। आखिर जिस नवाज शरीफ ने हमारे सैनिकों की शहादत पर सांत्वना के दो शब्द भी नहीं कहे उसका राजदूत हिन्दुस्तान में क्यों और किसलिए रहे, मोदी को इस बात का जवाब देना चाहिए।
हिन्दू सन्त ने सवाल उठाया कि आखिर कल तक जो लोग एक के बदले दस सर लाने की बात करते थे, लव लेटर न लिखने की बात करते थे, वे आज इतने मजबूर क्यों हैं कि आज उनके हाथ में सत्ता की सारी ताकत होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को पाकिस्तान को प्रस्ताव पास कर आतंकी देश घोषित करना चाहिए। सिंधु नदी जल समझौते को रद्द कर पाकिस्तान को घेरना चाहिए।