Supertech Twin Tower: नोएडा में बने सुपरटेक ट्विन टावर के डिमोलिशन की तैयारियां शुरू हो गई है। इंजीनियर्स के पहुंचने के साथ-साथ विस्फोट के लिए जगह बनाई जा रही।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नोएडा सेक्टर 93ए स्थित सुपरटेक एमराल्ड के दोनों टावर एपेक्स-सियान में विस्फोटक लगाने का शुरू हो रहा है। इसके लिए पुलिस ने एनओसी जारी कर दी है। यह जानकारी डीसीपी, मुख्यालय रामबदन सिंह ने दी। एडिफिस इंजीनियरिंग के प्रतिनिधियों का कहना है कि दोनों टावर में 10 हजार छेदों विस्फोटक लगाने का काम अब 60 लोगों टीम शुरू कर दे देगी। इस टीम देश के छह, दक्षिण अफ्रीका के सात इंजीनियर और दस लोकल ब्लास्टर मदद करेंगे।
देश में पहली बार इतनी ऊंची बिल्डिंग को गिराया जाएगा। सुपरटेक एमराल्ड के दोनों टावर एपेक्स-सियान की ऊंचाई करीब 101-101 मीटर है। इन दोनों टावर को तोड़ने के लिए 3 हजार 7 सौ किलो विस्फोटक लाया जाएगा। पुलिस को एडिफिस इंजीनियरिंग की ओर से हरी झंडी का इंतजार है, इसके बाद नोएडा पुलिस पलवल रवाना होगी। पलवल से विस्फोटक नोएडा लाया जाएगा। एक गाड़ी में डेटोनेटर और दूसरी में विस्फोटक होंगे। एक गाड़ी इनके आगे-आगे चलेगी। सुरक्षा के लिहाज से विस्फोटक किस रास्ते से और कितने बजे लाया जाएगा, इसे गोपनीय रखा गया है।
जानिए कैसे होगा ध्वस्तीकरण
एडिफिस इंजीनियरिंग के प्रतिनिधियों का कहना है कि 325 किलोग्राम सुपर पावर 90, 63300 मीटर सोलर कार्ड, 10990 डेटोनेटर और चार आईईडी का इस्तेमाल होगा। जितना विस्फोटक नोएडा लाया जाए, उसका इस्तेमाल शाम छह बजे तक कर लिया जाएगा। अगर विस्फोटक बचेगा तो पुलिस पलवल वापस ले जाएगी। करीब 15-20 दिन तक रोज यह काम होगा। कुल 3700 किलोग्राम विस्फोटक लगेगा।
एडिफिस इंजीनियरिंग की होगी जिम्मेदारी
पुलिस की ओर से दी गई एनओसी में साफ कहा गया है कि अगर इस विस्फोट के दौरान किसी तरह की जन-धन की हानि होती है तो कार्यदायी संस्था एडिफिस इंजीनियरिंग जिम्मेदार होगी। पुलिस ने एनओसी में साफ किया है कि अंतिम ब्लास्ट के बाद पूरे मलबे की जांच करनी होगी। संभव है कि इसमें कोई ऐसा विस्फोटक हो, जो इस्तेमाल में नहीं आया। लिहाजा, इसे हटाने का काम एडिफिस इंजीनियरिंग का होगा। डीसीपी रामबदन सिंह ने आश्वास्त किया कि इसमें जो भी नियम होंगे, उनका पालन करना होगा।