Fbi and canada police
नोएडा. उत्तर प्रदेश में क्राइम की घटनाओं में इजाफा हुआ है। क्राइम की घटनाओं को रोकने के लिए अब पुलिस एक ठोस कदम उठाने जा रही है। अमेरिका की एफबीआई और कनाडा पुलिस की मदद से अपराधियों पर नकेल कसी जाएगी। इसके लिए अमेरिका और कनाडा की जांच एजेंसी एक दूसरे देश के संपर्क में रहेंगी।
मीटिंग में तैयार किया गया यह प्लान
अमेरिका की एफबीआई और कनाडा पुलिस के अफसरों के साथ नोएडा के 14 ए स्थित एसएसपी आॅफिस में एक मीटिंग हुई। मीटिंग में गौतमबुद्धनगर के एसएसपी डॉक्टर अजयपाल शर्मा, एफबीआई के असिस्टेंट लीगल आॅफिसर सुहेल और रॉयल कनाडियन माउंटेड पुलिस के काउंसलर सैम इस्माइल के बीच में क्राइम को रोकने पर विचार किया गया। साथ ही अपराधियों पर एक्शन के लिए खाका तैयार किया गया है। एसएसपी डॉक्टर अजयपाल शर्मा ने बताया कि साइबर फ्रॉड को लेकर दोनों देशों की पुलिस की मदद ली जाएगी।
आॅनलाइन ठगी के बढ़ते अपराधा को देखते हुए तीनों देश की पुलिस साथ मिलकर करेगी काम
पिछले कुछ सालों में विदेशियों के साथ आॅनलाइन ठगी के मामलों में बढ़ोत्तरी हुई है। साथ ही जिले में भी फ्रॉड के मामले सामने आते है। यूएसए समेत कई देशों के नागरिकों के साथ में आॅन लाइन ठगी के मामले सामने आए है। बढ़ते आॅनलाइन फ्रॉड के मामलों को देखते हुए नोएडा पुलिस ने एफबीआई(फेडरल ब्यूरो आॅफ इंवेस्टिगेशन) और कनाडा पुलिस के साथ मिलकर अपराधियों पर नकेल कसने की तैयारी शुरू कर दी है।
रजिस्ट्रेशन होगा अनिवार्य
जिले में चल रहे कॉलसेंटर संचालकों को अब रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके लिए गाइड लाइन तैयार की जा रही है। इसके तहत कॉल सेंटर संचालक को पूरी डिटेंल में संबंधित कोतवाली में डिटेंल देनी होगी। उन्होंंने बताया कि अगर कोई संचालक अपनी डिटेंल नहीं देता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अब सभी कॉल सेंटरों के लिए पेमेंट गेटवे का अप्रूवल लेना जरुरी किया जाएगा।
ऐसे करेंगे काम
यूपी पुलिस, अमेरिका की एफबीआई और कनाडा पुलिस ने विदेशियों से आॅनलाइन ठगी की रोकथाम के लिए मेकेनिजम तैयार किया जाएगा। साइबर क्राइम होने पर तीनों देश की पुलिस पीड़ित व आरोपित की डिटेंल को साझा करेंगे।