अब 12 किमी की सड़क पर भाजपा-सपा आमने-सामने

भाजपा विधायक विमला बाथम ने चुनाव आयोग से की सपा प्रत्याशी की शिकायत
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Updated: 6 Jan 2017, 3:35 PM IST
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नोएडा। नोएडा के छिजारसी कट से कुलेसरा को जोड़ने वाली सड़क का शिलान्यास करने के श्रेय को लेकर भापजा विधायक आैर सपा प्रत्याशी आमने सामने आ गए हैं। भापजा विधायक इसे अपना काम बता रही हैं, तो सपा प्रत्याशी इसे अपनी मेहनत बताने में जुटे हैं। इतना ही नहीं इसका शिलन्यास भी सपा प्रत्याशी अशोक चौहान कर चुके हैं। एेसे में भापजा विधायक ने इसका विरोध जताते हुए चुनाव आयोग से शिकायत की है। उन्होंने दावा किया है कि कोर्इ प्रत्याशी किसी योजना एवं प्रोजेक्ट का शिलन्यास नहीं कर सकता, उसे इसका अधिकार ही नहीं है।

12 किलोमीटर की सड़क पर चल रही है रार

यह सड़क छिजारसी कालोनी, बहलोलपुर, चोटपुर सहित दर्जनों गांव को कुलेसरा को सीधे एनएच-९ से जोड़ेगी। इस सड़क की दूरी करीब 12 किलोमीटर है। इस सड़क को बनवाने की मांग काफी लंबे समय से थी। भापजा विधायक विमला बाथम ने बताया कि आठ किलोमीटर तक सड़क बनवाने के लिए राज्य सरकार से सभी विधायकों को राशि दी गर्इ थी, लेकिन इस सड़क की दूरी 12 किलोमीटर होने के चलते हमने खुद सीएम अखिलेश यादव आैर शिवपाल यादव से बात की। दोनों की मंजूरी मिलने पर प्राधिकरण, सिंचार्इ विभाग समेत आैर अन्य विभागों को पत्र देकर यह सड़क बनाने की मंजूरी ली। इसके बाद सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरु की गर्इ थी। इस सड़क को बनाने में करीब 15 करोड़ रुपये खर्च आना है।

सपा प्रत्याशी ने कर दिया सड़क का शिलान्यास

इस सड़क के निमार्ण कार्य को शुरु कराने का श्रेय भाजपा विधाय विमला बाथम खुद ले रही हैं। उनका साफ कहना है कि उनके प्रयास से ही सड़क का काम शुरु हो सका है। लेकिन इस सड़क का शिलान्यास 30 दिसंबर को सपा के नोएडा विधानसभा प्रत्याशी अशोक चौहान ने कर दिया है। इस बात का पता लगते ही भाजपा विधायक ने इसके खिलाफ नारजगी प्रकट की। सपा प्रत्याशी ने दावा किया कि उनके प्रयासों से प्राधिकरण अधिकारियों ने इसके निर्माण के लिए रुपया जारी किया है।

सपा प्रत्याशी आैर अधिकारियों पर की कार्रवार्इ की मांग


भाजपा विधायक विमला बाथम ने बताया कि यह सब अधिकारियों आैर सपा प्रत्याशी की मिली भगत से किया गया है। यह पूर्ण रुप से असंवैधानिक है। कोर्इ प्रत्याशी एेसे शिलान्यास नहीं कर सकता है। हमने इसी को लेकर प्राधिकरण अधिकारियों समेत प्रत्याशी की जिला अधिकारी, राज्य सरकार आैर चुनाव आयोग से इसकी शिकायत की है।
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