दिनों दिन बढ़ती
टेक्नोलाॅजी और टेक्नोसेवी लोगों को देखते हुए पुलिस विभाग ने भी कई एप लांच
किए हैं। ये सभी एप लोगों की सुरक्षा और सहूलियत के लिए बनाए गए हैं।
हालांकि, पुलिस के इन एए में कुछ ऐसे भी हैं, जिन्हें लोग न तो जानते हैं और
न वह इस्तेमाल में लिए जाते हैं। यहां तक कि पुलिस भी इन पर रिस्पॉस नहीं
करती। अभी महिला सुरक्षा के लिए भी गाजियाबाद पुलिस ने एक एप तैयार किया
है। अभी इसको लांच नहीं किया गया है। पुलिस विभाग इसको ट्रायल पर लेकर
काम कर रहा है। गाजियाबाद के एसपी सिटी सलमान ताज पाटिल का कहना है कि यह एप दो माह में लांच कर दिया जाएगा।
यूपी
पुलिस ने करीब छह माह पहले लॉस्ट एप को लांच किया है,
जिसे आप अपने एड्रॉयड फोन में प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। इसकी
मदद से आप पुलिस विभाग में आॅनलाइन अपनी सामान गुम होने की मिसिंग रिपोर्ट
लिखा सकते हैं। इसके लिए आपको अपनी रिपोर्ट की लिखित कॉपी भी डाउनलोड
करनी होगी। इसमें गायब दस्तावेज की जांच कर पुलिस आपको इसकी मिसिंग
रिपोर्ट कॉपी को प्रमाणित कर सौंपेगी।
यह एप पुलिस से संपर्क करने के लिए लांच किया गया है। इसमें यूपी के ज्यादातर
जिलों के मुख्य पुलिस अधिकारियों और थानों के सीयूजी नंबर दिए गए हैं। कोई
भी अप्रिय घटना होने पर आप एप में जगह देखकर उस जगह के थाने व अधिकारियों से सीयूजी नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
यह पुलिस का ऐसा एप है, जिस पर आप अपनी एफआईआर कॉपी देख
सकते हैं। हालांकि, अभी इसको पुलिस ने पूरी तरह से लांच नहीं किया है।
इसको लेकर काम चल रहा है। कुछ जिलों में इसे ट्रायल बेस के लिए
चलाया गया है। इस एप के जरिये आप अपना मुकदमा संख्या डालते ही अपनी एफआईआर
कॉपी देख सकते हैं।
यूपी पुलिस का यूपीपी
सिटीजन हेल्प के नाम से भी एक एप है। इसको पुलिस अधिकारियों ने वरिष्ठ
लोगों की मदद के लिए लांच किया था, लेकिन एप की जानकारी न होने के चलते
अधिकतर बुजुर्ग खुद ही थाने पहुंचते हैं। हालांकि, इस एप को बुजुर्गों को घर
बैठे समस्या सुनाने के लिए बनाया गया था, जिससे बुजुर्ग घर बैठे पुलिस
अधिकारियों से संपर्क कर अपनी समस्या सुना सकें।
अब महिला सुरक्षा के लिए बनाया एप
गाजियाबाद पुलिस महिला सुरक्षा के लिए एप लांच
करने की तैयारी में जुटी है। इसको प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। एप पर क्लिक करते ही यह काम शुरू कर देगा। किसी भी अनहोनी पर महिला इसके जरिये पुलिस से मदद मांग सकती है। इस पर बटन दबाते ही आसपास की पुलिस
पीसीआर और कंट्रोल रूम में शिकायत पहुंचती है। इसको आैरर सुविधाजनक और तेज
करने के लिए परीक्षण चल रहा है।