
नोएडा से महोबा जा रही स्लीपर AC बस में बुधवार रात करीब 12 बजे अचानक आग लगी तो ज्यादातर यात्री गहरी नींद में थे। किसी को कुछ समझ आता, उससे पहले बस के अंदर धुआं भरने लगा। नींद से जागे यात्रियों को बस में आग लगने की जानकारी मिली तो चीख-पुकार मच गई। हर कोई अपनी जान बचाने के लिए बाहर निकलने की कोशिश करने लगा।
बस में करीब 35 यात्री सवार थे। कुछ यात्री दरवाजे की तरफ भागे तो कई ने खिड़कियों से कूदकर जान बचाई। धुआं इतना ज्यादा था कि यात्रियों को सांस लेने में परेशानी होने लगी। कुछ ही देर में आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में 9 यात्री जिंदा जल गए।
बस यात्री रिंकी राजपूत ने बताया कि वह नोएडा से बस में बैठी थीं। सफर के दौरान उन्हें नींद आ गई थी। रात करीब 12 बजे अचानक किसी ने उन्हें जगाया और कहा कि बस में आग लग गई है। महिला यात्री के मुताबिक, आंख खुलते ही बस के अंदर अफरा-तफरी मची थी। लोग एक-दूसरे को धक्का देते हुए बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। चारों तरफ धुआं भरा था। सांस लेना मुश्किल हो रहा था और कुछ समझ नहीं आ रहा था कि किस तरफ से बाहर निकला जाए।
उन्होंने बताया कि आग चालक के बैठने वाली जगह से लगी थी। देखते ही देखते आग और धुआं बस के अंदर फैल गया। कई यात्रियों ने खिड़की से निकलकर अपनी जान बचाई, लेकिन कुछ लोग बस के अंदर ही रह गए।
बस में सवार एक यात्री ने एएनआई से बातचीत करते हुए बताया कि वह भी बस में सो रहे थे। अचानक किसी ने उन्हें जगाया और कहा कि बस में आग लग गई है। इसके बाद सभी यात्री बाहर निकलने के लिए भागे। उन्होंने बताया कि बस के अंदर बहुत ज्यादा धुआं था। घबराहट के बीच बाहर निकलना आसान नहीं था। हर कोई जल्द से जल्द बस से बाहर जाना चाहता था। किसी तरह वह भी बाहर निकल पाए।
विश्वामित्र के मुताबिक, बस यात्रियों से पूरी तरह भरी हुई थी। हादसे के बाद कुछ ही पलों में अंदर का माहौल बदल गया। जो यात्री कुछ देर पहले तक अपनी सीट पर सो रहे थे, वे अपनी जान बचाने के लिए रास्ता तलाश रहे थे।
बस में आग लगने के बाद यात्रियों के पास खुद को बचाने के लिए ज्यादा वक्त नहीं था। जिन यात्रियों को दरवाजे से निकलने में परेशानी हुई, उन्होंने खिड़कियों का सहारा लिया। कई लोग खिड़की से बाहर कूदे।
यात्रियों के मुताबिक, बस के अंदर धुआं बढ़ता जा रहा था। आंखों के सामने कुछ साफ दिखाई नहीं दे रहा था। ऐसे में जिस यात्री को जहां से बाहर निकलने का रास्ता मिला, वह उसी तरफ भागा।
जो यात्री किसी तरह बस से बाहर निकल पाए, उन्होंने पीछे मुड़कर देखा तो पूरी बस आग की लपटों से घिरी थी। कुछ ही देर में आग ने बस के अधिकांश हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया।हादसे की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब 45 मिनट की मशक्कत के बाद आग बुझाई जा सकी। हालांकि, तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी।
गौतमबुद्ध नगर सीएफओ प्रदीप कुमार ने कहा, " आज रात्रि को थाना जेवर क्षेत्र अंतर्गत यमुना एक्सप्रेस पर एक बस रजिस्ट्रेशन नंबर बी आर 32 पी ए 8647 कश्मीरी गेट, नई दिल्ली से मोहोबा की ओर जा रही थी, तभी बस में अचानक से आग लगी। सूचना प्राप्त होते ही तत्काल पुलिस के उच्च अधिकारी व स्थानीय पुलिस बल, रेस्क्यू टेंडर व 4 फायर सर्विस यूनिट द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर आग को पूर्णतः बुझा दिया गया तथा रेस्क्यू ऑपरेशन किया गया। कुल 20 से 25 लोगों को उसमें रेस्क्यू किया गया…घटना में 9 व्यक्ति बस के अंदर जलने व दम घुटने के कारण दुखद मृत्यु अवस्था में मिले हैं। थाना जेवर पुलिस द्वारा मृतकों के शिनात का प्रयास किए जा रहे हैं…चालक व परिचालक को हिरासत में लिया गया है। अन्य विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। यह आग बस के इंजन से स्टार्ट हुई थी। वह फ्यूल होने की वजह से अचानक से आग भयानक हो गई।"