पत्रिका में प्रकाशित अग्रलेख – न्याय का हो नवसूर्योदय
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Gulab Kothari Articles : स्पंदन : साधना को लक्ष्य से जोडऩे का कार्य व्यक्ति का संकल्प करता है। जिस क्षण में व्यक्ति संकल्प करता है, उसी क्षण उसकी साधना शुरू हो जाती है। संकल्प ही हर परिस्थिति में मार्ग निकाल लेता है। संकल्प ही मन को तपने के लिए तैयार करता है। संकल्प ही उपलब्धियों का मूल है। संकल्प के कारण ही साधना सम्पन्न होती है और व्यक्ति सूक्ष्म में प्रवेश कर जाता है।