चुनाव आयोग विवाद से बढ़ी सियासी तपिश
Also Read
View All 
Gulab Kothari Articles : स्पंदन : आज शिक्षा का विषय आत्मा है ही नहीं। शरीर ही रह गया जिसकी पशु संज्ञा है। पशु के लक्षण हैं—आहार, निद्रा, भय, और मैथुन। हम इन्हीं क्षेत्रों के लिए व्यक्ति को शिक्षित करते हैं। जबकि शरीर स्वयं अपने को स्वस्थ रखने में सक्षम है।