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PATRIKA PODCAST : गृहलक्ष्मी गढ़ती है मां

मां को सर्वाधिक पूजनीय माना है। मां ही संस्कृति है। भ्रूण को गर्भ में धारण करने वाली है। पोषिका है, जन्मदात्री है। मां निर्मात्री है संतति की भी और अपने ‘वर’ की भी।
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Aug 08, 2026
patrika podcast
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Gulab Kothari Article : मां सूक्ष्म धरातल पर जीती है। उसे अपनी भूमिका का ज्ञान होता है, यथानुरूप संतान का पालन करती है। उसकी लोरियों में जीवन के संदेश छिपे होते हैं तो डांट में वात्सल्य भी रहता है। पुत्र हो या पुत्री दोनों उसके अभिन्न अंग होते हैं। पुत्र को पालनकर्ता व सृष्टिकर्ता के अनुरूप तैयार करती है, तो पुत्री को भी वह पालिका व सर्जिका के समान गढ़ती है।

Updated on:
08 Aug 2026 05:24 pm
Published on:
08 Aug 2026 05:24 pm