भारत जैसे धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र में हर धर्म के लोगों में इबादत करने के अपने-अपने नियम, कायदे एवं परंपराए हैं।
- नजमा खातून, स्वतंत्र टिप्पणीकार
हज कमेटी ऑफ इंडिया २०१८ में हज सब्सिडी खत्म करने जा रही है। इसका उपयोग मुस्लिम समुदाय की शैक्षिक, आर्थिक स्थिति को सुधारने, विशेष तौर पर मुस्लिम लड़कियों की शैक्षणिक स्थिति को सुधारने के लिए किया जाएगा।
भारत जैसे धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र में हर धर्म के लोगों में इबादत करने के अपने-अपने नियम, कायदे एवं परंपराए हैं। इसी तरह हज यात्रा भी इस्लाम का एक महत्वपूर्ण अंग है। हाल ही नई हज पॉलिसी २०१८-२२ का निर्धारण किया गया। हज यात्रा को पारदर्शी बनाना और हाजियों को श्रेष्ठ सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास इसका प्राथमिक उद्देश्य है। बीते दिनों जहां हज सब्सिडी पर राजनीतिक गलियारों में काफी वाद- विवाद और गहमा-गहमी रही, वहीं अधिकतर मुस्लिम, राजनीति से दूर हज सब्सिडी खत्म करने का समर्थन करते नजर आए।
मुस्लिम धार्मिक नियमों के अनुसार शारीरिक और आर्थिक रूप से सक्षम व्यक्ति के लिए ही हज यात्रा फर्ज है और सर्वोच्च न्यायालय ने भी इसे आधार मानकर धीरे-धीरे सब्सिडी खत्म करने का फैसला सुनाया। हज कमेटी ऑफ इंडिया वर्ष २०१८ में हज सब्सिडी खत्म करने जा रही है। इस सब्सिडी का उपयोग मुस्लिम समुदाय की शैक्षिक और आर्थिक स्थिति को सुधारने विशेष तौर पर मुस्लिम लड़कियों की शैक्षणिक स्थिति को सुधारने के लिए किया जाएगा।
वर्तमान में शिक्षा के अवसरों की बढ़ोतरी के बावजूद भी मुस्लिम समुदाय अन्य समुदायों से शिक्षा के स्तर में समानता स्थापित नहीं कर पाया है। रोजगार के अवसरों की कमी के कारण जीवन स्तर में गिरावट देखने को मिलती है। ऐसे समय में इस सकारात्मक पहल का स्वागत किया जाना चाहिए। इस उद्देश्य को मूर्त रूप प्रदान करने के लिए योजनाओं का मसौदा तैयार कर उसे प्रभावी बनाया जाए।
एक ओर हज आवेदन की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी बनाने के लिए डिजीटल बनाया गया, वहीं दूसरी ओर २१ हज उड़ान स्थलों को कम करना और जल मार्ग से यात्रा करने की शुरुआत क्या सही निर्णय है? कम समय की सुविधाजनक हवाई यात्रा को ज्यादा समय लेने वाली समुद्री यात्रा में तब्दीली क्या हज यात्रा को आसान बनाएगी? जबकि वर्ष १९९५ में तकनीकी खामियों के चलते इसे बंद कर दिया गया था।
मुस्लिम समर्थन प्राप्त करने एवं सकारात्मक छवि बनाने के उद्देश्य से सभी राज्यों की सरकारें अपने-अपने राज्य में हज उड़ान स्थल बनाना चाहेंगी। बहरहाल नई हज पॉलिसी में कई बिंदुओं के विवादित होने की संभावनाएं हैं। परंतु खुशी की बात यह है कि सऊदी सरकार ने भारत के वार्षिक हज कोटे में वृद्धि की है, जो कि पिछले २९ सालों की सबसे बड़ी बढ़ोतरी है। धार्मिक यात्राओं से प्रत्येक श्रद्धालु की गहरी भावनाएं जुड़ी होती हैं इन यात्राओं को सफल व सुविधाजनक बनाने के प्रयास किए जाने चाहिए।