सरकार में ‘लैटरल एंट्री’ का प्रयोग सफल क्यों नहीं हो पाया?
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Gulab Kothari Article : मौसी माता की सहोदरा है अत: उसके साथ भी वही अन्न जुड़ा है, जो माता के साथ जुड़ा है। मां और मौसी दोनों की देह ‘नानी’ के शरीर से बनी है। यहां अन्न के कारण ‘अन्नमय कोश’ व अन्न के सार भाग से निर्मित मन के कारण ‘मनोमय कोश’ मां-मौसी दोनों में समान रूप से बनते हैं।