पत्रिकायन में सवाल पूछा गया था। पाठकों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आईं, पेश हैं चुनिंदा प्रतिक्रियाएं।
हो रहा है दुरुपयोग
जिस सोशल मीडिया को अभिव्यक्ति, जानकारी साझा करने और नवाचार का अहम मंच समझा गया, वह आज लोगों की परेशानी की वजह बन रहा है। सोशल मीडिया के जरिए अफवाह फैलाकर सामाजिक सद्भाव को बिगाडऩे और सकारात्मक सोच को संकीर्ण करने का कार्य किया जा रहा है। सामाजिक और धार्मिक स्वार्थ के साथ राजनीतिक स्वार्थ के लिए भी गलत जानकारियां परोसी जा रही हैं। सोशल मीडिया के जरिए तथ्यों को भी तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। सोशल मीडिया के प्रभाव के कारण लोगों के सोचने का दायरा संकुचित होता जा रहा हैै।
-कनिष्क माथुर, जयपुर
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लाभ के साथ हानि भी
जिस प्रकार एक सिक्के के दो पहलू होते हैं, उसी प्रकार सोशल मीडिया के फायदे के साथ नुकसान भी हैं। फायदे की बात करें, तो सोशल मीडिया जागरूकता पैदा कर रहा है। लोगों को हर क्षेत्र की जानकारी मिल जाती है। इसकी सबसे बड़ी खामी यह है कि लोग घंटों तक इसी में लगे रहते हैं। इससे समय तथा पैसे दोनों की हानि होती है। सोशल मीडिया अफवाहों का स्रोत भी बन गया है। राजनीतिक दल भी इसका गलत इस्तेमाल करते हैं। इसीलिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए।
-करण सिंह राजवी, श्रीगंगानगर
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बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव
सोशल मीडिया का समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। बच्चों पर इसका बुरा प्रभाव ज्यादा है। सोशल मीडिया का सदुपयोग किया जाए तो संजीवनी है, लेकिन दुरुपयोग से मुश्किल बढ़ती है। बच्चों की बिगड़ती मानसिकता का एक कारण सोशल मीडिया भी है।
-सी. आर. प्रजापति, हरढ़ाणी, जोधपुर
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सतर्कता जरूरी
वर्तमान में सोशल मीडिया जहां एक ओर अपनी बात आम जन तक पहुंचाने का एक श्रेष्ठ माध्यम है, वहीं दूसरी ओर दूषित व भ्रामक सामग्री भी प्रसारित कर रहा है। सोशल मीडिया का प्रयोग आवश्यकता से अधिक होने लगा है। लोग अब खबरों के लिए भी सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में सोशल मीडिया की जिम्मेदारी कुछ अधिक हो जाती है। कोरोना के दौर में सोशल मीडिया पर ऐसी कई खबरें प्रसारित हुई हैं, जिसने अनजाने में ही लोगों को नकारात्मकता की ओर धकेला। सोशल मीडिया का सतर्कता व विवेक से इस्तेमाल करना चाहिए।
-अजिता शर्मा, उदयपुर
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उपयोग करने वाले पर निर्भर
वाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर एवं इंस्टाग्राम आदि सोशल मीडिया के साधन हैं। सोशल मीडिया से लाभ के साथ नुकसान भी हो रहा है। यह इसका उपयोग करने वाले पर निर्भर करता है। आपके पास चाकू है तो आप उससे फल-सब्जियां काट सकते है। अगर उसी से आप खुद को या दूसरे को नुकसान पहुंचा दें, तो इसमें चाकू का दोष थोड़े ही माना जाएगा।
-कैलाश चन्द्र मोदी, सादुलपुर, चूरु
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बिगड़ रहा है माहौल
वर्तमान समय में सोशल मीडिया पर फेक न्यूज, अश्लीलता और सांप्रदायिकता का बोलबाला है। अश्लीलता की वजह से युवा वर्ग गलत राह पर जा रहा है। फेक न्यूज समाज में डर और सांप्रदायिकता का माहौल उत्पन्न कर रही है। सरकार को इस पर विचार कर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए, जिससे समाज में इसका नकारात्मक असर न पड़े।
-विजय महाजन प्रेमी, वृंदावन, मथुरा
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वरदान भी बन सकता है सोशल मीडिया
सोशल मीडिया समाज के लिए वरदान भी है और अभिशाप भी है, क्योंकि आज के समय में सोशल मीडिया पर अच्छी बुरी हर तरह की, हर क्षेत्र की जानकारी उपलब्ध है। सोशल मीडिया पर खबर तेजी से फैलती है। गलत खबर समाज में आग भी लगा देती है। अगर सही इस्तेमाल हो, तो सोशल मीडिया के जरिए समाज में जागरूकता लाई जा सकती है, लोगों को जोडऩे में भी इसका इस्तेमाल हो सकता है। समाज को नई दिशा देने का कार्य किया जा सकता है। सोशल मीडिया का इस्तेमाल सही तरीके से किया जाए, तो यह समाज के लिए वरदान है।
-भारत नागर, बारां
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जरूरी है रचनात्मक उपयोग
सोशल मीडिया समाज को जोडऩे के साथ अभिव्यक्ति का सशक्त साधन बनकर उभर रहा है। साथ ही समाजकंटकों का हथियार भी बन रहा है। इसके रचनात्मक उपयोग से दबी प्रतिभाएं बाहर आ रही हैं, तो वहीं यह हमारी संस्कृति, सभ्यता और नैतिक मूल्यों को नुकसान भी पहुंचा रहा है। साइबर क्राइम बढ़ रहा है। सोशल मीडिया बच्चों में गुस्से व तनाव का कारण भी बनता जा रहा है।
-वेलाराम देवासी लुंदाडा, पाली
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बढ़ रहे हैं साइबर अपराध
सोशल मीडिया जहां सकारात्मक भूमिका अदा करता है, वहीं कुछ लोग इसका गलत उपयोग भी करते हैं। बहुत सी जानकारी भ्रामक भी होती हैं। साइबर अपराध सोशल मीडिया से जुड़ी सबसे बड़ी समस्या है। सोशल मीडिया का अत्यधिक प्रयोग हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। सोशल मीडिया सामाजिक समरसता को बिगाडऩे लगा है। सकारात्मक सोच की जगह समाज को बांटने वाली सोच को बढ़ावा देने लगा है। सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर सख्ती की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही है।
- दिव्यांश अमित शर्मा, श्रीमाधोपुर, सीकर
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भ्रामक सामग्री का प्रसार
वर्तमान में सोशल मीडिया का प्रचलन बहुत ज्यादा हो गया है। इसके कारण रिश्तों में दूरी बढ़ गई है। सोशल मीडिया का सबसे गलत प्रभाव है इसकी भ्रामक सामग्री। जब कहीं कोई दुर्घटना होती है, तो लोग पीडि़तों की मदद करने की बजाय उसका वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर डालना ज्यादा जरूरी समझते हैं। सोशल मीडिया का उपयोग भ्रामक खबरें फैलाने के लिए कतई नहीं होना चाहिए।
-कमलेश कुमार कुमावत, चौमूं, जयपुर