
Gulab Kothari Article : माया विद्या भी, अविद्या भी : आज तो दाम्पत्य भाव एक कठिन दौर से गुजर रहा है। एक ओर पुरुष का पौरुष भाव नरम पड़ता जा रहा है। उसकी आक्रामक क्षमता परीक्षा के दौर से गुजर रही है। स्त्री का माया भाव भी करवट बदल रहा है। उसका भी स्त्रैण भाव उतार पर है। अब अग्नि उसके भीतर भी बढ़ रही है। माया भाव दोनों में तटस्थ है।
Published on:
18 Apr 2026 02:50 pm
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