पत्रिका में प्रकाशित अग्रलेख: हाथी के दांत
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Gulab Kothari Article : स्त्री अपने जीवन में आने वाली किसी भी परिस्थिति में विचलित नहीं होती। उसकी अपनी आंतरिक चेतना, पोषण, सृजन आदि शक्तियां ही सभी परिस्थितियों में जीवन को दिशा देती हैं। परिवार व समाज स्त्री की शक्तियों के अनुरूप उसको सम्मान देता है तब रिश्तों में समर्पण, कृतज्ञता और संतुलन स्वत: स्थापित हो जाता है।