आहत मन की खामोशी और पीड़ा को समझने की भाषा
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Gulab Kothari Article : स्त्री अन्न को अस्त्र रूप में प्रयोग करके मन को स्थिर किया करती है। आज स्त्री भोजन बनाने को अपना सुरक्षा प्रहरी नहीं मानती, शक्ति भी नहीं मान पाती। बेगार मानती है। आखिरी अस्त्र भी छूट गया। सौन्दर्य की होड़ में हर किसी को आकर्षित करना चाहती है। शिक्षा ने घर से दूरी कर दी, बाहर वाले आक्रामक हो गए।