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PATRIKA PODCAST : स्त्री ही सृष्टि संचालिका

स्त्री भी भीतर पुरुष है, किन्तु अन्तज्र्ञान और परोक्ष व्यवहार की धनी होती है। उसमें देवगुरु बृहस्पति और असुरगुरु शुक्राचार्य की समझ ईश्वर ने अलग से दी है।
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Oct 09, 2026
patrika podcast
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Gulab Kothari Article : स्त्री अन्न को अस्त्र रूप में प्रयोग करके मन को स्थिर किया करती है। आज स्त्री भोजन बनाने को अपना सुरक्षा प्रहरी नहीं मानती, शक्ति भी नहीं मान पाती। बेगार मानती है। आखिरी अस्त्र भी छूट गया। सौन्दर्य की होड़ में हर किसी को आकर्षित करना चाहती है। शिक्षा ने घर से दूरी कर दी, बाहर वाले आक्रामक हो गए।

Updated on:
09 Oct 2026 06:05 pm
Published on:
09 Oct 2026 06:05 pm