पाठकों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं मिलीं, पेश हैं चुनिंदा प्रतिक्रियाएं
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खुदरा व्यापारियों की बिक्री घटी
पैर पसारते ई-कॉमर्स ने हर क्षेत्र के खुदरा व्यापारियों को प्रभावित किया है। खुदरा व्यापारियों की दिन प्रतिदिन गिरती हुए बिक्री चिंता का विषय है। ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा दी जाने वाली छूट, कैशबैक जैसे ऑफर्स, विशेष क्रेडिट/डेबिट कार्ड पर अतिरिक्त छूट, अवसरों, त्योहारों आदि पर महा सेल जैसे मौकों के कारण खुदरा व्यापार ई कॉमर्स की स्पर्धा करने में कमजोर पड़ रहा है। यही सब कारणों से खुदरा व्यापार पर ई कॉमर्स का व्यापक प्रभाव पड़ रहा है। सरकार को ई-कॉमर्स पर जल्द कोई नीति लाने पर विचार करना चाहिए। आम जनता को चाहिए कि वह आस-पास के खुदरा व्यापारियों से ज्यादा से ज्यादा सामान खरीदे।
-डॉं. नहव आलम अंसारी, शाजापुर, एमपी
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मनमानी पर लगाम
सुविधा जनक होने एवं लुभावने ऑफर्स से उपभोक्ता ई -कॉमर्स प्लेटफार्म से खरीद कर रहे हैं। इनका व्यापार बेलगाम बढ़ रहा है। इससे खुदरा व्यापारियों की मनमानी पर अंकुश तो लगा है, लेकिन उनका व्यापार कम होने से रोजी-रोटी का संकट भी पैदा हो गया है। सरकार को एक नियामक संस्था का गठन करना चाहिए, जो इन पर उचित निगरानी के साथ ही खुदरा व्यापारियों के हितों का भी पूरा ध्यान रखें।
-मदन शर्मा, जयपुर
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गांवों तक भी पहुंच बनाई
देश में ई-कॉमर्स कंपनियों के फैलते जाल से खुदरा व्यापार काफी प्रभावित हो रहा है। ई- कॉमर्स कंपनियां अब छोटे-छोटे गांवों में भी पहुंच चुकी है। ये बहुत तेजी से आगे बढ़ रही हैं। -संजय डागा, हातोद, इन्दौर … व्यवसाय मॉडल में बदलाव ई-कॉमर्स के कारण खुदरा विक्रेताओं को व्यवसाय मॉडल को बदलना पड़ रहा है। अब वे भी स्वयं के ऑनलाइन स्टोर बना रहे हैं या स्थापित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के साथ साझेदारी कर रहे हैं।
-गोपाल दान, जैसलमेर
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बढ़ रही है ऑनलाइन खरीद
ई -कॉमर्स ने पिछले दो दशकों में खुदरा क्षेत्र को नाटकीय रूप से बदल दिया है। ई-कॉमर्स ने व्यवसाय की धारणा ही बदल दी है। इसने हर उस व्यक्ति को प्रभावित किया है। इंटरनेट पर कुछ भी खरीदा जा सकता है। ऑनलाइन खरीदारी अब विलासिता नहीं, बल्कि जरूरत बन गई है। बाजार जाकर खरीदारी करने के स्थान पर अब लोगों को ऑनलाइन शॉपिंग करना ज्यादा आसान लगने लगा है।
डॉ.अजिता शर्मा, उदयपुर
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नियामक संस्था बनाई जाए
भारतीय बाजार में ई-कॉमर्स की हिस्सेदारी साल दर साल बढ़ती जा रही है जो कि खुदरा व्यापारियों के लिए एक चिंताजनक पहलू है। आज हर घर तक इंटरनेट की पहुंच होने व कोरियर सेवाओं के विस्तार के कारण आम आदमी अपनी जरूरत का सामान घर बैठे ऑनलाइन आर्डर करने लगा है। फलस्वरूप खुदरा व्यापारियों का धंधा चौपट होने लगा है। ई-कॉमर्स की पहुंच, सुविधा व कीमतों के सामने खुदरा व्यापारी टिक नहीं पा रहे हैं। ई-कॉमर्स व खुदरा व्यापार के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए सरकार को नियंत्रण व नियामक व्यवस्था स्थापित करनी चाहिए।
-चूना राम बेनीवाल, बायतु, बालोतरा
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बाहर हो रहे हैं खुदरा व्यापारी
ई-कॉमर्स कंपनियों ने देश के खुदरा व्यापारियों को बहुत तेजी से स्पर्धा से लगभग बाहर ही कर दिया है। इसके लिए इन कंपनियों की आक्रामक मार्केटिंग तथा सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं। -अनिल मेहता, बीकानेर