पाठकों की मिलीजुली प्रतिक्रिया आईं, पेश हैं चुनिंदा प्रतिक्रियाएं।
आज के इस सोशल मीडिया युग में बच्चों को छोटी सी उम्र में ही फोन मिल जाते हैं और माता-पिता भी बच्चों को मनोरंजन के लिए फोन दे देते हैं। बच्चों को यह समझ नहीं होती कि उनके लिए कौन सी जानकारी सही है और कौन सी नहीं। वे फोन से अनावश्यक जानकारी ले लेते हैं, जिसके कारण वे तनाव का शिकार हो जाते हैं। पूरे दिन फोन चलाने से उनका व्यवहार चिड़चिड़ा हो जाता है। इसलिए माता-पिता को बच्चों को मनोरंजन के लिए फोन देने के बजाय बाहरी खेलों के लिए प्रेरित करना चाहिए, जिससे उनका पढ़ाई या अन्य किसी बात का तनाव कम होगा।
बच्चों में बढ़ते तनाव का मुख्य कारण इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और आभासी दुनिया के प्रति आकर्षण, करियर की चिंता और बढ़ती प्रतिस्पर्धा है, जो बच्चों का बचपन छीन रही है। बचपन और किशोरावस्था के प्रति अभिभावकों का दृष्टिकोण भी तनाव को प्रभावित करता है। अभिभावकों की बढ़ती अपेक्षाएं और बचपन के प्रति बढ़ती उपेक्षा ने बच्चों को पारंपरिक खेलों, ध्यान, योग और व्यायाम से दूर कर दिया है, जो उनके मानसिक और शारीरिक विकास के लिए जरूरी हैं। इसलिए, अपेक्षाओं और उपेक्षाओं के बीच की खाई को समय रहते भरना जरूरी है, ताकि बच्चों का तनाव कम हो सके।
-रूप सिंह ठाकुर, इंदौर
सोशल मीडिया के अत्यधिक प्रयोग के कारण उपभोक्तावादी संस्कृति बच्चों पर नकारात्मक असर डाल रही है। बच्चों में भविष्य की चिंता और आधुनिक दुनिया से होड़ उन्हें अकेला और मानसिक रूप से तनावग्रस्त कर रही है।
-विनायक गोयल, रतलाम
परीक्षाओं के दौरान बच्चों को एक ऐसा माहौल देना चाहिए, जो उन्हें शांत, सकारात्मक और आत्मविश्वासी बनाए। इस तरह का माहौल उनकी एकाग्रता और प्रदर्शन को बेहतर बना सकता है। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि बच्चों पर अनुचित दबाव डालने की बजाय, उन्हें प्रेरणादायक और सहायक वातावरण मिले, ताकि वे अपनी क्षमता का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें।
-डॉ. अजीता शर्मा, उदयपुर
बच्चों के मन में बढ़ते तनाव को कम करने के लिए हमें उनके साथ खुलकर बात करनी चाहिए। उनकी बातें सुननी चाहिए, उनकी परेशानियों को समझना चाहिए, उनके साथ समय बिताना चाहिए और बिना किसी दबाव के उन्हें अपने करियर में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना चाहिए। हमें उन्हें यह समझाना चाहिए कि वे जिन चीजों में अच्छे हैं, उन पर ध्यान दें। इन छोटी-छोटी बातों से हम उनके तनाव को कम कर सकते हैं।
-शिवानी ठाकुर, इंदौर
बच्चों में तनाव को कम करने के लिए उन्हें मोबाइल और सोशल मीडिया से दूर रखा जाना चाहिए। हर बच्चे का बौद्धिक स्तर अलग-अलग होता है। बच्चों की रुचि के अनुसार उन्हें उस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए अभिभावकों द्वारा प्रेरित किया जाना चाहिए। एक सरल जीवन जीने और आडंबरों से दूर रहने से भी तनाव कम होता है।
-ललित महालकरी, इंदौर
बच्चों के तनाव को कम करने के लिए अभिभावकों और शिक्षकों दोनों को समान रूप से भूमिका निभानी होगी। बच्चों की इच्छाओं को समझकर, उन्हें उसी दिशा में अग्रसार करने में सहयोग करना होगा। साथ ही, साथियों के दबाव को कम करना और घर पर दोस्ताना माहौल बनाना जरूरी है। खेलों के प्रति रुचि बढ़ानी होगी और स्कूलों को भी अतिरिक्त पाठ्यक्रम गतिविधियों पर ध्यान देना होगा।
-प्रांजल मोदी, सादुलशहर
परिवार में बच्चों के लिए तनावमुक्त वातावरण तैयार किया जाना चाहिए। उन्हें पढ़ाई के लिए ज्यादा तनाव न लेने की सलाह दी जानी चाहिए। बच्चों को किसी भी समस्या का सामना करने पर घर के बड़ों से मदद लेनी चाहिए। उन्हें यह प्रेरित करना चाहिए कि वे कोई भी परेशानी होने पर घर के बड़ों को बताएं, जिससे वे तनावमुक्त हो सकें।
-दिलीप शर्मा, भोपाल
माता-पिता अतिरिक्त सहायता और स्थिरता प्रदान कर सकते हैं। उन्हें अपने बच्चे की बात सुननी चाहिए और उनसे खुलकर बात करनी चाहिए। उन्हें सुरक्षित और प्यार महसूस कराने में मदद करनी चाहिए। यदि संभव हो, तो उन्हें यह बताएं कि उन्हें क्या उम्मीद करनी चाहिए। उन्हें यह बताएं कि वे इससे कैसे निपट सकते हैं और आप उनकी मदद कैसे करेंगे। उन्हें दिलासा दें और परवाह दिखाएं। बच्चों को शांत महसूस कराने के लिए एक सरल दिनचर्या निर्धारित करें।
-कपिल पेसवानी
अक्सर माता-पिता बच्चों के लिए दिनचर्या तो बना देते हैं, लेकिन उसमें केवल पढ़ाई के घंटे ही होते हैं। उसमें थोड़ा मनोरंजन कार्य भी जोड़ा जाना चाहिए, ताकि बच्चा थोड़ी-थोड़ी देर में मानसिक रूप से फ्री होकर अपनी हॉबी पर काम करके मानसिक रूप से तंदुरुस्त हो सके।
-प्रियव्रत, जोधपुर
बच्चों में तनाव को कम करने के लिए उन्हें योग, व्यायाम के साथ-साथ प्रतिदिन शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार के खेल खेलने और नियमित अध्ययन करने की आवश्यकता है। एक निश्चित समय सारणी बनाकर पढ़ाई करनी चाहिए, ताकि परीक्षाओं की तैयारी समय पर हो जाए और परीक्षा के समय तनाव कम हो। नियमित खेल और अध्ययन से एकाग्रता बढ़ती है और मानसिक तनाव कम होता है।
-उम्राव सिंह वर्मा, बेमेतरा, छत्तीसगढ़
बच्चों में तनाव को कम करने के लिए सबसे पहले माता-पिता को ध्यान देना होगा। बच्चों से नियमित संवाद करना चाहिए और उनकी समस्याओं को बौद्धिक रूप से हल करने का प्रयास करना चाहिए। बच्चों को मोबाइल से दूरी बनानी होगी और पढ़ाई के साथ खेलकूद और व्यायाम को भी अपनी दिनचर्या में शामिल करना होगा। शिक्षक भी बच्चों पर पढ़ाई का दबाव नहीं डालें और उनकी समस्याओं को सुनकर मित्रवत तरीके से हल करें। अगर बच्चा गुमसुम नजर आए तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें। यदि हम बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान देंगे, तो उन्हें तनाव से बचा सकेंगे।
-आजाद पूरण सिंह, जयपुर