फरीदाबाद की नौ वर्षीय Arshi Gupta F1 एकेडमी के 'डिस्कवर योर ड्राइव' कार्यक्रम में सलेक्ट होने वाली सबसे कम उम्र की रेसर बन गई हैं। भारत की पहली महिला नेशनल कार्टिंग चैंपियन अर्शी अब ब्रिटेन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर आएंगी और मोटरस्पोर्ट्स में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
फरीदाबाद की नौ वर्षीय Arshi Gupta ने भारतीय मोटरस्पोर्ट्स में एक नया इतिहास रच दिया है। वह Formula 1 एकेडमी डिस्कवर योर ड्राइव कार्यक्रम में चयनित होने वाली विश्व की सबसे कम उम्र की रेसर बन गई हैं। यह कार्यक्रम दुनियाभर में युवा महिला रेसिंग प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए किया गया है। अर्शी इस कार्यक्रम में शामिल एकमात्र भारतीय है जिसके पास कार्टिंग लाइसेंस है।
फरीदाबाद के दिल्ली पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाली अर्शी की रफ्तार से मोहब्बत बचपन से ही शुरू हो गई थी। उनके पिता अंचित गुप्ता रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में काम करते हैं। वे बताते हैं कि जब अर्शी तीन-चार साल की थी तभी से परिवार ने उनके अंदर स्पीड के प्रति खास लगाव देखा। अर्शी की मां डॉ. दीप्ति गुप्ता एक डॉक्टर हैं और पूरा परिवार अर्शी के सपनों को साकार करने में जुटा है।
2023 में गुरुग्राम के एक कार्टिंग ट्रैक पर शुरुआत करने के बाद महज पांच महीनों में अर्शी सबसे तेज ड्राइवरों में शामिल हो गई। कोच रोहित खन्ना के मार्गदर्शन में अर्शी ने लीपफ्रॉग रेसिंग टीम के साथ प्रोफेशनल ट्रेनिंग शुरू की।
भारत में मोटरस्पोर्ट्स की सीमित सुविधाओं के कारण अर्शी को अक्टूबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच यूएई में पांच महीने की ट्रेनिंग लेनी पड़ी। इसके बाद ब्रिटेन में दस सप्ताह का प्रशिक्षण भी लिया।
जनवरी 2025 में IAME Series में उन्होंने अपना पहला पोडियम हासिल किया। नवंबर 2025 में अर्शी ने भारत लौटकर नेशनल कार्टिंग चैंपियनशिप जीतकर इतिहास रच दिया। वह एशिया की एकमात्र महिला नेशनल कार्टिंग चैंपियन हैं।
रेसिंग के साथ-साथ पढ़ाई में भी ए-प्लस स्टूडेंट अर्शी को अक्सर हवाई यात्राओं के बीच और कार में पढ़ना पड़ता है। मगर उनकी माता पिता से एकमात्र शिकायत तब होती है जब वह भारत में होती हैं और ट्रैक पर नहीं जा पाती। यह उनके जुनून को दर्शाता है।
F1 एकेडमी कार्यक्रम के तहत अर्शी ब्रिटिश चैंपियंस ऑफ द फ्यूचर एकेडमी प्रोग्राम के चार राउंड में भाग लेंगी, जहां उनका मुकाबला दुनिया के टॉप जूनियर ड्राइवरों से होगा। यह प्लेटफॉर्म उन्हें अपने 'फॉर्मूला वन ड्रीम' के करीब ले जाने की पहली सीढ़ी साबित हो सकता है।