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संन्यास से पहले पदक से चूके झाझरिया, भारत ने जीते 1 रजत, 2 कांस्य पदक

झाझरिया भले ही पदक से चूक गए हो लेकिन भारत ने गुरुवार को एक रजत और दो कांस्य पदक जीते। भारत को भाला फेंक एफ-46 स्पर्धा में एक रजत और एक कांस्य पदक हासिल हुआ है। इसके अलावा, उसे गोला फेंक स्पर्धा में भी कांस्य पदक मिला है।
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संन्यास से पहले पदक से चुके झाझरिया, भारत ने जीते 1 रजत, 2 कांस्य पदक

नई दिल्ली। पैरा ओलम्पिक में भारत को दो बार स्वर्ण पदक दिला चुके भारत के स्टार पैरा एथलीट देवेंद्र झाझरिया इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में जारी पैरा एशियाई खेल 2018 में पदक से चूक गए। झाझरिया भले ही पदक से चूक गए हो लेकिन भारत ने गुरुवार को एक रजत और दो कांस्य पदक जीते। भारत को भाला फेंक एफ-46 स्पर्धा में एक रजत और एक कांस्य पदक हासिल हुआ है। इसके अलावा, उसे गोला फेंक स्पर्धा में भी कांस्य पदक मिला है।

भारत ने जीते तीन मैडल -
सुंदर सिंह ने भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल में दूसरा स्थान हासिल किया। उन्होंने कुल छह प्रयासों में से पांचवें प्रयास में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 61.33 मीटर की दूरी तय करते हुए रजत पदक पर निशाना साधा। इसी स्पर्धा में रिकु ने तीसरा स्थान हासिल किया। उन्होंने 60.92 मीटर की दूरी तय कर कांस्य पदक हासिल हुआ। भारत के एक अन्य एथलीट टेक चंद ने गोला फेंक स्पर्धा में तीसरा स्थान हासिल कर कांस्य पदक जीता। उन्होंने 8.85 मीटर की दूरी तय करते हुए कांस्य पदक हासिल किया।

पदक से चुके देवेंद्र झाझरिया -
भारत के दिग्गज जेवलिन थ्रोअर देवेंद्र झाझरिया चौथे स्थान पर रहे। झाझरिया ने एशियाई खेलों से पहले ही अपने संन्यास की घोषणा कर दी थी। ऐसे में अपने करियर के आखिरी इवेंट में झाझरिया को बिना पदक के ही संतुष्टि करनी होगी। अपने संन्यास के बारे में बात करते हुए देवेंद्र ने कहा कि वह अब 37 साल के हो रहे हैं और उनके कंधे में लगी चोट उन्हें काफी परेशान कर रही है। झाझरिया ने आगे बताया कि इस चोट की वजह वे पिछले एक साल से काफी परेशान है। देवेंद्र ने कहा कि वह अब अपने करियर के उस पड़ाव पर हैं, जहां उन्हें अपने शरीर पर ध्यान देना चाहिए। यह सही वक्त है, उनके रिटायर होने का।

Updated on:
11 Oct 2018 03:01 pm
Published on:
11 Oct 2018 02:55 pm
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