Magnus Carlsen: पांच बार के वर्ल्ड चैंपियन मैग्नस कार्लसन ने खुलासा किया है कि उनका एक प्रतिद्वंद्वी ऐसा है, जिसे वह कभी हरा नहीं सके। बता दें कि कार्लसन 2011 से फिडे रैंकिंग में नंबर एक खिलाड़ी हैं।
Magnus Carlsen: शतरंज की दुनिया के बेताज बादशाह नॉर्वे के मैग्नस कार्लसन ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। पांच बार के विश्व चैंपियन और दुनिया के नंबर एक शतरंज खिलाड़ी कार्लसन ने कहा कि उनका एक प्रतिद्वंद्वी ऐसा भी है, जिसे वे कभी नहीं हरा पाए हैं। कार्लसन ने एक पोडकास्ट में खुलासा किया कि वे अपने स्मार्टफोन को नहीं हरा सकते। नॉर्वे के खिलाड़ी का इशारा कभी शतरंज के प्रशिक्षण के उपकरण रहे स्टॉकफिश और लीला शतरंज जीरो जैसी वेबसाइट की ओर था, जो अब शीर्ष ग्रैंडमास्टर खिलाडि़यों से भी बेहतर प्रदर्शन करते हैं। ये कम्प्यूटर चैस प्रोग्राम अब अजेय प्रतिद्वंद्वी बन चुके हैं।
कार्लसन ने साथ ही कहा कि वे इन कम्प्यूटर प्रोग्राम के विरोधी नहीं हैं। उन्होंने कहा, मैनुअली शतरंज को बढ़ावा देने में इन कम्प्यूटर प्रोग्राम की अहम भूमिका रही है। खिलाड़ी इन वेबसाइट पर नित नई चुनौतियों का सामना करते हैं और अपने खेल को बेहतर बनाते हैं। ये प्रोग्राम एक खिलाड़ी की तैयारी के लिए बेहतरीन प्रतिद्वंद्वी साबित होते हैं।
पूर्व विश्व चैंपियन गैरी कास्परोव एक कम्प्यूटर के खिलाफ शतरंज मैच खेलने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी थे। 1996-97 में डीप ब्लू के खिलाफ कास्परोव ने मैच खेला था। कास्परोव ने पहली बाजी तो जीत ली थी, लेकिन डीप ब्लू नाम के इस कम्प्यूटर प्रोग्राम ने दूसरे मैच में मजबूत वापसी की थी।
कार्लसन ने स्वीकार किया कि शतरंज में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के आने से खेल का तरीका बदला है। अब खिलाड़ी कम्प्यूटर या अपने स्मार्ट फोन पर कठिन से कठिन चुनौतियों को चुनकर उनका सामना कर सकते हैं। इससे उन्हें अपने इंसानी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ रणनीति बनाने में सहायता मिलती है।
कार्लसन ने अंत में यह भी कहा कि हम इंसान खेल की महत्ता और प्रसिद्धि के लिए खेलते हैं, लेकिन मशीनें सिर्फ जीतने के लिए खेलती हैं। यह हमारी विफलता नहीं है कि हम अपने स्मार्टफोन को हराने में असमर्थ हैं, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि तनकीक कितना आगे बढ़ गई है। लेकिन कोई भी वेबसाइट एक इंसानी मुकाबले के रोमांच को कम नहीं कर सकती है। जब दो खिलाड़ी आमने-सामने बैठ कर अपनी साख दांव पर लगाते हैं तब खेल का रोमांच अपने चरम पर होता है।