
नई दिल्ली। फार्मूला वन ड्राइवर लुईस हैमिल्टन ( F1 driver lewis hamilton ) ने अपने जीवन को लेकर बड़ा खुलासा किया है। हैमिल्टन ने यह स्वीकारते हुए कि उन्होंने बहुत कठिन दिन देखें हैं और फार्मूला वन रेस के दौरे के दौरान वह बहुत अकेलेपन का सामना करते थे, बताया कि उन्हें मानसिक स्वास्थ्य की परेशानियों से गुजरना पड़ा।
छह बार के फार्मूला वन विश्व चैंपियन ने इस सप्ताह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक भावनात्मक संदेश पोस्ट किए। इन पोस्ट में हैमिल्टन ने अपने दो बिल्कुल पहलुओं को समझाया। पहला कि लोग उन्हें टेलीविजन पर गलाकाट प्रतियोगिता में जीत की भूख वाले रेसर के रूप में देखते हैं और दूसरा एक आदमी जो दिन प्रतिदिन जिंदगी को समझने में जुटा है।
उन्होंने यह भी कहा कि वह महामारी के दौरान संघर्ष कर रहे हैं और इस दौरान फार्मूला वन को फिर से शुरू करने के लिए रेस में अपनाए बबल सिस्टम के साथ पार पाना मुश्किल है। उन्होंने लिखा, "आप अकेले हो जाते हैं, आपको अपने मित्रों और परिवार की याद आती है और लगातार एक के बाद एक कई सप्ताह की रेस का मतलब है आपके पास काम के अलावा बाकी किसी चीज के लिए ज्यादा समय नहीं है। इसलिए, मैं अपने सबसे करीबी लोगों का आभारी हूं जो मुझे एक संतुलन बनाए रखने में मदद कर रहे हैं, भले ही यह केवल टेक्स्ट (मैसेज), फोन या फेसटाइम के जरिये ही हो।"
फार्मूला चैंपियन ने बताया, "मुझे लगता है कि जो मैं कहने की कोशिश कर रहा हूं वह यह है कि कभी भी ज़रूरत पड़ने पर मदद मांगना, या यह बताना कि आप कैसा महसूस कर रहे हैं, यह कोई बुरी बात नहीं है। अपने कमजोर पक्ष को दिखाना आपको कमजोर नहीं बनाता है, इसके बजाय मैं इसे मजबूत बनने के एक मौके के रूप में बनाने वाला मानता हूं।"
लॉकडाउन के बाद फिर से नए कैलेंडर के साथ शुरू हुई इस वर्ष की फार्मूला वन रेस में मर्सडीज ड्राइवर हैमिल्टन ने सात में से पांच रेस जीती हैं और फिलहाल वह इस सप्ताहांत इटैलियन ग्रैंड प्रिक्स के लिए मोंजा में हैं। अकेलेपन और मानसिक स्वास्थ्य पर जब सोशल मीडिया पर की गई उनकी पोस्ट्स के बारे में सवाल किया गया तो हैमिल्टन ने कहा कि वह अपने प्रशंसकों को सच्चाई बताने की कोशिश कर रहे थे।
उन्होंने एक वीडियो प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संवाददाताओं से कहा, "मुझे लगता है कि प्रतिस्पर्धी के रूप में खुद की अभिव्यक्ति और खुलना, यह पहली बात नहीं है जिसे आप करने के बारे में सोचते हैं। लेकिन मुझे लगता है कि यह वास्तव में महत्वपूर्ण है, जो यहां हो रहा है उससे अधिक महत्वपूर्ण है।"
35 वर्षीय फार्मूला वन चैंपियन जो हाल के महीनों में ब्लैक लाइव्स मैटर मूवमेंट के मुखर समर्थक रहे हैं, ने अपने संघर्षों के बारे में बात कर चुके हैं। पिछले साल अक्टूबर में उन्होंने सोशल मीडिया पर कई संदेश पोस्ट करते हुए कहा कि उन्हें ऐसा लग रहा था कि दुनिया में "इस तरह की गड़बड़" है कि "सब कुछ छोड़ देना" चाहिए।
गौरतलब है कि हैमिल्टन अपने हीरो और फार्मूला वन के सर्वकालिक चैंपियन माइकल शूमाकर ( formula-1 champion michael schumacher ) के 91 करियर जीत के रिकॉर्ड की बराबरी करने से केवल दो जीत दूर हैं।