First Official Advertisement of Indian Sports: 1932 ओलंपिक की स्वर्ण पदक विजेता हॉकी टीम ने भी विज्ञापन किया था। हॉकी के जादूगर अशोक ध्यानचंद के बेटे ने खुलासा किया है कि उस दौरान विज्ञापन के लिए बतौर फीस एक डॉलर वह चाय की पत्ती का पैकेट मिला था।
First Official Advertisement of Indian Sports: वर्तमान में जहां भारतीय खिलाड़ी एक कमर्शियल विज्ञापन करने के लिए करोड़ों रुपए वसूलते हैं, वहीं एक दौरा ऐसा भी था जब हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को एक विज्ञापन के लिए फीस के तौर पर एक डॉलर और चाय की पत्ती का पैकेट मिला था। महान हॉकी खिलाड़ी ध्यानचंद के बेटे अशोक ध्यानचंद ने हाल में खुलासा किया है कि उनके पिता ने भी अपने दौर में एक विज्ञापन किया था। अशोक ने बताया कि 1932 की ओलंपिक पदक विजेता भारतीय टीम ने एक चाय पत्ती के ब्रांड के लिए विज्ञापन किया था, जिसे भारतीय खेलों का पहला अधिकृत विज्ञापन माना जाता है।
अशोक ने कहा, आज जहां खिलाड़ी विज्ञापन करते समय सहज दिखते हैं, उस दौर में उन लोगों के लिए यह आसान टास्क नहीं था। इस विज्ञापन में ध्यानचंद के छोटे भाई रूप सिंह, इनसाइड फॉरवर्ड गुरमीत सिंह कुलार और सैयद मोहम्मद जाफर भी थे। इन खिलाड़ियों को फीस के रूप में एक डॉलर और चाय की पत्ती का पैकेट भी दिया गया था, जो कि उनके लिए बहुत बड़ी बात थी।