Paris Paralympics 2024: ओलंपिक के समापन के बाद अब पेरिस 28 अगस्त से पैरालंपिक खेलों की मेजबानी करेगा। 28 अगस्त से 8 सितंबर तक होने वाले पैरालंपिक खेलों में इस बार भारत अपना सबसे बड़ा दल भेज रहा है।
Paris Paralympics 2024: ओलंपिक के समापन के बाद अब पेरिस 28 अगस्त से पैरालंपिक खेलों की मेजबानी करेगा। 28 अगस्त से 8 सितंबर तक होने वाले पैरालंपिक खेलों में इस बार भारत अपना सबसे बड़ा दल भेज रहा है। भारतीय पैरालंपिक समिति (PCI) अध्यक्ष देवेंद्र झाझड़िया ने मंगलवार को बताया कि पेरिस पैरालंपिक खेलों में भारत 12 खेलों में अपना 84 सदस्यीय दल भेज रहा है। झाझड़िया ने उम्मीद जताई कि टोक्यो पैरालंपिक के शानदार प्रदर्शन का सिलसिला पेरिस में भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि टोक्यो में भारतीय दल ने 19 पदक जीते थे, लेकिन इस बार हमारा लक्ष्य 25 पदक जीतना है।
दो बार के पैरालंपिक चैंपियन झाझड़िया ने बताया कि भारतीय दल में अमित सरोहा सबसे अनुभवी खिलाड़ी हैं, जबकि शीतल देवी सबसे युवा। डिस्कस थ्रोअर अमित अपने चौथे ओलंपिक में हिस्सा लेने जा रहे हैं, जबकि जम्मू-कश्मीर की 17 साल की शीतल तीरंदाजी में पदक की दावेदारी पेश करेंगी। शीतल ने पैरा एशियन गेम्स 2022 में दो स्वर्ण व एक रजत पदक जीता था।
पेरिस पैरालंपिक खेलों में राजस्थान के 10 एथलीट पदक के लिए दावेदारी पेश करेंगे। पैरा शूटिंग में अवनी लेखरा, मोना अग्रवाल, निहाल सिंह, रुद्राक्ष खंडेलवाल और अमीर अहमद भट चुनौती पेश करेंगे। वहीं एथलेटिक्स में सुंदर गुर्जर व संदीप चौधरी, रोइंग में अनीता चौधरी, तीरंदाजी में श्यामसुंदर और बैडमिंटन में कृष्णा नागर हिस्सा लेंगे। कृष्णा मौजूदा चैंपियन हैं और अपनी कैटेगरी में खिताब का बचाव करने उतरेंगे।
द्रोणाचार्य अवार्ड से सम्मानित एथलेटिक्स कोच महावीर प्रसाद सैनी ने बताया कि हमारे एथलीटों की तैयारी पूरी है। पिछली बार राजस्थान के पैरा खिलाड़ियों ने पांच पदक जीते थे, इस बार यह संख्या बढ़ने की उम्मीद है।