
भुवनेश्वर :हॉकी इंडिया ने 20 मई से शुरू होने वाले राष्ट्रीय कैम्प के लिए रविवार को 32 खिलाड़ियों के नामों की घोषणा की। यह कैम्प छह जून से भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में शुरू होने वाली एफआईएच (FIH) मेन्स हॉकी सीरीज फाइनल्स की तैयारी के लिए लगाया गया है। इन्हीं 32 संभावितों में से इस सीरीज के लिए भारतीय हॉकी टीम चुनी जाएगी।
आस्ट्रेलिया दौरे पर गए सभी खिलाड़ियों को मिली जगह
भारतीय टीम अभी-अभी आस्ट्रेलिया से हॉकी सीरीज खेलकर लौटी है। इन संभावितों में आस्ट्रेलिया दौरे पर गई सभी 18 खिलाड़ियों को जगह मिली है। इस दौरे पर आस्ट्रेलिया ने भारत को लगातार दो मैचों में बुरी तरह हराया था। भारत के मुख्य कोच ग्राहम रीड ने आस्ट्रेलियाई दौरे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह देखना अच्छा रहा कि भारतीय टीम विश्व की नंबर-2 टीम के मुकाबले कहां खड़ी है। आस्ट्रेलियाई टीम विश्व कप के बाद से ही लगातार विश्वस्तरीय टीमों के खिलाफ खेल रही हैं और दो मैचों में यही चीज उनकी टीम को भी देखने को मिली। उनके हिसाब से इन दो मुकाबलों में यह पता चला कि ओलम्पिक के लिए क्वालिफाई करने के लिए हमें अभी किस स्तर तक जाना है। इसलिए भुवनेश्वर में होने वाले एफआईएच मेन्स हॉकी सीरीज फाइनल्स के लिहाज से दौरा बेहतरीन रहा।
आक्रमण बेहतर करना होगा
55 वर्षीय कोच ने कहा कि इस दौरे से उन्हें विश्व स्तरीय टीम के खिलाफ खिलाड़ियों के दबाव को करीब से जानने का मौका मिला। अब उनका पूरा ध्यान टीम के आक्रमण को बेहतर करने पर केंद्रित होगा। अगर भारतीय टीम को आस्ट्रेलिया जैसी टीमों के करीब पहुंचना है तो दबाव में गोल करने की क्षमता सबसे अहम होगी। भुवनेश्वर में लगने वाले कैम्प में हमें अपने आक्रामक खिलाड़ियों के लिए अधिक मौके बनाने होंगे, ताकि उन्हें दबाव में खेलने का अनुभव मिले।
टीम :
गोलकीपर : पीआर श्रीजेश, सूरज ककेरा और कृष्ण बहादुर पाठक।
डिफेंडर : हरमनप्रीत सिंह, बीरेंद्र लाकड़ा, सुरेंद्र कुमार, अमित रोहिदास, वरुण कुमार, रुपिंदर पाल सिंह, गुरिंदर सिंह, कोठाजीत सिंह खड़गबाम, नीलम संदीप और जर्मनप्रीत सिंह।
मिडफील्डर : मनप्रीत सिंह, सुमित, नीलकांत शर्मा, जसकरन सिंह, हार्दिक सिंह, विवेक सागर प्रसाद, आशीष कुमार टोपनो, सैयद नियाज रहीम और राजकुमार पाल।
फारवर्ड : मनदीप सिंह, आकाशदीप सिंह, शिलानंद लाकड़ा, गुरसाहिबजीत सिंह, शमशेर सिंह, अरमान कुरैशी, सुमित कुमार, सिमरनजीत सिंह, एसवी सुनील और गुरजंत सिंह।