
Paris Olympics 2024: भारत के 24 वर्षीय युवा जेवेलिन थ्रोअर (भाला फेंक) एथलीट डीपी मनु के लिए मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। डोपिंग में फंसे मनु का 26 जुलाई 2024 से शुरू होने वाले पेरिस ओलंपिक खेलों में भाग लेने का सपना टूटता हुआ नजर आ रहा है। दरअसल, राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एंजेसी (नाडा) ने एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एएफआई) को निर्देश देते हुए कहा है कि वह यह सुनिश्चित करे कि डीपी मनु किसी भी प्रतियोगिता में शिरकत नहीं कर सकें। इस कारण डीपी मनु का आगामी नेशनल इंटर-स्टेट चैंपियनशिप में भाग लेने पर भी रोक गई है।
हैरानी की बात यह है कि एएफआई इस पूरे मामले से पूरी तरह से वाकिफ नहीं है। एएफआई अध्यक्ष आदिल सुमरिवाला ने कहा कि हां, ऐसा कुछ हो सकता है, लेकिन हम अभी भी नहीं जानते कि असल बात क्या है? हमें एएफआई ऑफिस से एक फोन कॉल आया कि डीपी मनु के प्रतियोगिताओं में भाग लेने से रोक लगाई जाए।
सुमरिवाला ने कहा, हमारे पास इस मामले में और कोई डिटेल्स नहीं है। मेरा विचार है कि डीपी मनु को खुद इस बारे में नाडा से पता लगाना चाहिए कि आखिर पूरा मामला क्या है। हालांकि इस बारे में अभी तक डीपी मनु की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
नाडा ने जानकारी देते हुए कहा था, एक घरेलू प्रतियोगिता के दौरान डीपी मनु का डोप टेस्ट पॉजिटिव पाया गया था। इसके बाद नाडा ने उनके ऊपर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया।
एशियन चैंपियनशिप 2023 में रजत पदक जीतने वाले डीपी मनु पेरिस ओलंपिक का कोटा हासिल करने के बेहद करीब हैं। ओलंपिक में एक देश से जेवेलिन थ्रो में तीन एथलीट शिरकत कर सकते हैं। टोक्यो ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा और किशोर जेना पहले ही पेरिस ओलंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई कर सके हैं।