भारतीय विधि आयोग ने सिफारिश दी है कि भारत में सट्टेबाजी को वैध किया जाए। यदि ऐसा होता है तो सट्टेबाजी को कानूनन अपराध नहीं माना जाएगा।
नई दिल्ली। भारत में क्रिकेट मैचों के दौरान सट्टा तो खूब लगाया जाता है, लेकिन अबतक इसे कानूनन अपराध की श्रेणी में ही रखा गया है। लेकिन इस बात की लंबे समय से मांग की जा रही है कि भारत में सट्टा लगाने को वैध किया जाए। अब भारतीय विधि आयोग ने भी सिफारिश की है कि क्रिकेट सहित अन्य खेलों में भी सट्टेबाजी वैध हो। लॉ कमीशन ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि सरकार की तमाम कोशिशों के बाद भी भारत में सट्टेबाजी खूब हो रही है। पुलिस-प्रशासन सट्टेबाजी को पूरी तरह से खत्म करने में सफल नहीं हो सकी है। ऐसे में आस्ट्रेलिया अमरीका जैसे अन्य देशों की तर्ज पर भारत में भी सट्टेबाजी को कानूनन मान्यता दे देनी चाहिए।
सट्टे पर टैक्स लगाने का भी सुझाव-
विधि आयोग ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि खेलों के साथ-साथ भारत में चुनाव में भी सट्टा लगता है। अब जब सरकार इसे प्रतिबंधित करने में असफल रही हो तो इसे कानूनी संरक्षण देने में ही सरकार और जनता का फायदा है। साथ ही आयोग ने सट्टे पर टैक्स लगाने का सुझाव भी दिया है।
और क्या अहम बातें है इस रिपोर्ट की-
लॉ कमीशन की इस रिपोर्ट और भी कई अहम सुझाव दिए गए है। रिपोर्ट में कहा गया है कि संसद सट्टेबाजी के लिए एक आइडियल लॉ बना सकती है। अथवा तत्काल में संसद अनुच्छेद 249 या 252 के तहत अपने अधिकारियों का इस्तेमाल कर कानून बना सकती है। यदि अनुच्छेद 252 के तहत कानून बना तो जो राज्य इससे सहमत है वह इसे अपनाने के लिए स्वतंत्र होंगे।
पैन और आधार से जोड़कर किया जाए कैशलेस-
विधि आयोग ने एक ये भी सुझाव दिया है कि सट्टेबाजी को पेन कार्ड और आधारकार्ड से जोड़कर कैशलेश किया जाए। जिससे इसमें पारदर्शिता आए और सब कुछ सरकार की देखरेख में हो। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में यह भी लिखा कि इसे कानूनी मान्यता मिल जाने से अंडरवर्ल्ड द्वारा अवैध संचालन पर भी लगाम लगाई जा सकेगी।